मुंबई वार्ता संवाददाता

लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने मुंबई की पेयजल व्यवस्था को बड़ी राहत दी है। पिछले 24 घंटों में शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले सातों जलाशयों के जल भंडार में करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह 6 बजे तक सातों जलाशयों में कुल 4,18,649 मिलियन लीटर (एमएल) पानी उपलब्ध है, जो उनकी कुल 14,47,363 एमएल की भंडारण क्षमता का 28.92 प्रतिशत है। यह बढ़ोतरी 6 जुलाई सुबह 6 बजे से 7 जुलाई सुबह 6 बजे तक जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण हुई है।


■ विहार और तुलसी झीलें लगभग भर चुकीं
सात जलाशयों में विहार झील 98.98 प्रतिशत और तुलसी झील 95.88 प्रतिशत क्षमता तक भर चुकी हैं।
अन्य जलाशयों की स्थिति इस प्रकार है:
मोडक सागर – 52.22%
तानसा – 42.85%
मिडिल वैतरणा – 26.12%
भातसा – 24.50%
अपर वैतरणा – 12.25%
■ जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश
पिछले 24 घंटों में जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 345 मिमी बारिश मोडक सागर क्षेत्र में हुई। इसके अलावा:
तानसा – 322 मिमी
मिडिल वैतरणा – 235 मिमी
अपर वैतरणा – 212 मिमी
भातसा – 172 मिमी
तुलसी – 160 मिमी
विहार – 151 मिमी
वहीं, भांडुप कॉम्प्लेक्स में 140 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे इस मानसून में वहां कुल वर्षा 1,602 मिमी तक पहुंच गई।
■ जलाशयों से पानी छोड़ना बंद
जल भंडार में सुधार को देखते हुए प्रशासन ने मिडिल वैतरणा का जल प्रवाह 6 जुलाई दोपहर 2 बजे बंद कर दिया। इसी तरह अपर वैतरणा से 22 जून से छोड़ा जा रहा पानी भी 6 जुलाई सुबह 10 बजे रोक दिया गया।
■ आगे और बढ़ सकता है जलस्तर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और जलग्रहण क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि शहर के जलाशयों का जलस्तर और बढ़ेगा।
■ मुंबई में भी जारी रही बारिश
पिछले 24 घंटों में मुंबई में लगातार बारिश होती रही। सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
पश्चिमी उपनगर – 78 मिमी
पूर्वी उपनगर – 77 मिमी
दक्षिण मुंबई (सिटी क्षेत्र) – 46 मिमी
लगातार हो रही बारिश से एक ओर जलाशयों में पानी का भंडार तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बनी हुई है।


