मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोरीवली के विधायक संजय उपाध्याय ने राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं का समर्थन करते हुए कहा कि पूरे अधिवेशन में विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं था। उन्होंने कहा कि विपक्ष में विकास के मुद्दों पर चर्चा करने का साहस नहीं दिखा और जनता के सामने रखने के लिए उनके पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है।


संजय उपाध्याय ने कहा कि कोस्टल रोड बनने से एयरपोर्ट से विधानभवन तक की यात्रा बेहद आसान हो गई है। अब समय और ईंधन दोनों की बचत हो रही है तथा लगभग 45 मिनट में विधानभवन पहुंचना संभव हो गया है।


उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड का विस्तार उनके विधानसभा क्षेत्र चारकोप, गोराई, उत्तन और विरार तक किया जाएगा। इससे पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आएगी। उन्होंने दावा किया कि परियोजना पूरी होने के बाद बोरीवली से नरीमन पॉइंट 45 मिनट और बोरीवली से विरार लगभग 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
विधायक ने कहा कि वर्तमान में बोरीवली से ठाणे जाने में घोड़बंदर रोड या जेवीएलआर के रास्ते 2 से 3 घंटे लगते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे सुरंग निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। यह परियोजना पूरी होने के बाद बोरीवली से ठाणे 20 मिनट और बोरीवली से मुलुंड-भांडुप 15 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
उपाध्याय ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 30 किलोमीटर सीसी सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि पूरे मुंबई में करीब 700 किलोमीटर सीसी सड़कें बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहले बारिश के मौसम में सड़कों के गड्ढे बड़ी समस्या होते थे, लेकिन अब सीसी सड़कों के कारण स्थिति में काफी सुधार आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन में इस सकारात्मक बदलाव का उल्लेख तक नहीं किया।
उन्होंने कहा कि बोरीवली में एमटीएनएल और बीएसएनएल की 28 एकड़ जमीन पर मुख्यमंत्री द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजना की घोषणा की गई है। इसके अलावा चारकोप, गोराई, पुरानी एमएचबी कॉलोनी और सी एंड डी योजना के तहत भी विकास कार्य होंगे। इससे स्थानीय लोगों को बड़े घर मिलेंगे और नए आवास भी उपलब्ध होंगे।
संजय उपाध्याय ने मनोरी में समुद्री जल को पेयजल में बदलने वाली डिसैलिनेशन परियोजना को गति देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि करजाई जल परियोजना भी शुरू हो रही है, जिससे भविष्य में मुंबई की पानी की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि गोराई और मनोरी गांवों में आज भी स्कूल, पुलिस स्टेशन और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। लगभग 8 किलोमीटर लंबे समुद्री तट का मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकास किया जाना चाहिए और इसके विकास आराखड़े को जल्द मंजूरी दी जानी चाहिए।
विधायक ने मांग की कि जिस तरह 2011 से पहले की झुग्गियों को 300 वर्ग फुट के घरों का लाभ दिया जा रहा है, उसी तरह गोराई और मनोरी के गांवठाण क्षेत्रों के मूल निवासियों को भी 2011 तक संरक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि आज भी इन लोगों से 1962 से पहले के दस्तावेज मांगे जाते हैं, जो अन्यायपूर्ण है।
संजय उपाध्याय ने कहा कि बोरीवली में 32 तालाब हैं, जिनका अमृत सरोवर योजना के तहत संरक्षण और विकास किया जाना चाहिए।
उन्होंने पश्चिम रेलवे पर पिछले छह महीनों में हुई दो हत्या की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि मुंबई की सभी लोकल ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से एसी और ऑटोमैटिक दरवाजों वाली बनाया जाना चाहिए। साथ ही मेट्रो स्टेशनों की तरह लोकल रेलवे स्टेशनों पर भी बैग जांच की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
विधायक ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने फुटपाथों को पैदल यात्रियों का अधिकार माना है, लेकिन मुंबई के अधिकांश रेलवे स्टेशनों के बाहर अवैध फेरीवालों ने फुटपाथों पर कब्जा कर रखा है। अदालत के आदेशों के बावजूद स्टेशन परिसर के 200 मीटर दायरे में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने शहर में ड्रग्स, शराब और गुटखे की आसान उपलब्धता पर चिंता जताते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
संजय उपाध्याय ने बोरीवली क्षेत्र में मैंग्रोव की अवैध कटाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भू-माफिया बड़े पैमाने पर मैंग्रोव नष्ट कर रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत पंजीकरण कार्यालयों के आधुनिकीकरण, वहां शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आधार कार्ड, बिजली बिल और मेंटेनेंस बिल जैसे दस्तावेजों के आधार पर एक महीने के भीतर नामांतरण की सुविधा शुरू करने की मांग की।
शिक्षा क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए संजय उपाध्याय ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्स के नाम पर कई निजी कोचिंग संस्थानों में केवल दिखावा किया जा रहा है। वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों की योग्यता के लिए कोई स्पष्ट मानक नहीं हैं। उन्होंने सरकार से इस क्षेत्र में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी नीति बनाकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।


