मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बकाया बिजली बिल पूरी तरह माफ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों का पुराना बकाया खत्म कर उन्हें नई शुरुआत का अवसर देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।


मुंबई के यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान सभागार में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा आयोजित किसान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों पर पहले से ही बिजली बिल नहीं लिया जा रहा है, अब किसानों की पुरानी बकाया राशि भी समाप्त कर दी जाएगी। इस घोषणा का राज्यभर से आए किसानों ने जोरदार स्वागत किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को कर्जमाफी के अलावा अब तक 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध करा चुकी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार कर्जमाफी कोई स्थायी समाधान नहीं है। सरकार का उद्देश्य खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाना है, जिसके लिए आधुनिक तकनीक, नई कृषि पद्धतियों और निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘मागेल त्याला शेततळे’ और ‘जलयुक्त शिवार’ जैसी योजनाओं से किसानों को बड़ा लाभ मिला है और कई क्षेत्रों में अब किसान साल में तीन-तीन फसलें ले रहे हैं। उन्होंने किसानों से समूह खेती अपनाने और वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ाने की अपील की।
फडणवीस ने कहा कि किसानों का खेती खर्च कम करने के लिए राज्य सरकार हर वर्ष 25 हजार करोड़ रुपये की बिजली बिल सब्सिडी दे रही है। सौर पंप और सौर कृषि वाहिनी योजना के कारण राज्य के 76 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली मिल रही है और वर्ष के अंत तक सभी किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों से किया गया कर्जमाफी का वादा पूरा किया है और यह निर्णय किसी चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि किसानों के हित में लिया गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग किसानों के नाम पर केवल आंदोलन और राजनीति करते हैं, जबकि सरकार किसानों के वास्तविक हित में फैसले ले रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती, देशी गायों के संरक्षण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और खेती को उद्योग से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य में नई जल परियोजनाएं शुरू की गई हैं। गोदावरी और तापी बेसिन तक पानी पहुंचाने, नई नदियां विकसित करने, 24 नए बांध बनाने और 16 पुराने बांधों की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद महाराष्ट्र की अगली पीढ़ी को सूखे का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और कृषि व्यवस्था में स्थायी परिवर्तन लाना है।


