मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई क्राइम ब्रांच ने उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाले दूध मिलावट गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ब्रांडेड अमूल और गोकुल दूध के सीलबंद पैकेट खोलकर उसमें दूषित और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पानी मिलाते थे, फिर पैकेटों को दोबारा इस तरह सील कर देते थे कि वे फैक्ट्री से पैक किए गए प्रतीत हों।


क्राइम ब्रांच की यूनिट-11 ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अधिकारियों के साथ बुधवार, 15 जुलाई को गुप्त सूचना के आधार पर गोरेगांव पश्चिम के प्रेम नगर स्थित लिंक रोड पर सिद्धिविनायक सेवा मंडल के पास अंकुर बिल्डिंग के दो कमरों में छापेमारी की।


जांच में सामने आया कि आरोपी पहले दूध के मूल पैकेट को सावधानी से काटते थे, उसमें से कुछ मात्रा में दूध निकालकर उसकी जगह दूषित पानी भर देते थे। इसके बाद गर्म की गई पिन और मोमबत्ती के मोम की मदद से पैकेट को दोबारा सील कर बाजार में असली ब्रांडेड दूध के रूप में बेचते थे।
558 लीटर मिलावटी दूध जब्त
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 558 लीटर मिलावटी अमूल और गोकुल दूध बरामद किया, जिसकी कीमत 39,504 रुपये बताई गई है। इसके अलावा 224 खाली अमूल गोल्ड और अमूल ताजा दूध के पैकेट, मिलावट में इस्तेमाल होने वाले उपकरण तथा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 50,304 रुपये आंकी गई है।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं तक मिलावटी दूध पहुंचने से रोकने के लिए मौके पर ही पूरे दूध को नष्ट कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा वेंकैया लिंगमपल्ली (48) और रवि कनहैया पाटिपाका के रूप में हुई है।
इस मामले में गोरेगांव पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-11 यह जांच कर रही है कि यह मिलावट का कारोबार कितने बड़े स्तर पर चल रहा था और आरोपी किन-किन विक्रेताओं या उपभोक्ताओं तक इस मिलावटी दूध की आपूर्ति कर रहे थे।


