मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर “बहन लाडकी मुख्यमंत्री की, रखें उसके स्वास्थ्य का ध्यान” अभियान के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा आयोजित मेगा स्तन कैंसर जांच अभियान को मुंबई की महिलाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिला। शहरभर में एक ही दिन 298 स्थानों पर आयोजित शिविरों में 30 वर्ष से अधिक आयु की 27,866 महिलाओं ने स्तन कैंसर की जांच कराकर नया रिकॉर्ड बनाया।


इस उपलब्धि के लिए अभियान का नाम Asia Book of Records और India Book of Records में दर्ज किया गया। इस अवसर पर मुंबई की महापौर रितू तावडे और उपमहापौर संजय घाडी को दोनों संस्थाओं की ओर से सम्मानचिह्न और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।


बीएमसी मुख्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में विधायक अमित साटम, सदन नेता गणेश खणकर, शिवसेना गटनेता अमेय घोले, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे, अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे, उप आयुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघड़े सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
महापौर रितू तावडे ने कहा कि स्तन कैंसर की समय पर जांच से बीमारी का प्रारंभिक चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने 30 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं में जांच के दौरान स्तन कैंसर की आशंका पाई गई है, उन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए बीएमसी अस्पतालों में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हमेशा महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है और यह रिकॉर्ड महिलाओं की जागरूकता तथा स्वास्थ्य के प्रति उनकी भागीदारी का प्रतीक है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भांदिर्गे ने कहा कि एक ही दिन में इतने बड़े स्तर पर शिविर आयोजित करना जनप्रतिनिधियों, बीएमसी प्रशासन, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक प्रयास से संभव हो पाया।
अभियान के दौरान बीएमसी स्वास्थ्य केंद्रों की नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं, पैरामेडिकल कर्मचारियों, महानगरपालिका मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के डॉक्टरों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) तथा विभिन्न स्थानीय चिकित्सा संस्थाओं के चिकित्सकों ने सेवाएं प्रदान कीं।
शिविरों में महिलाओं का रक्तचाप, वजन और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के साथ स्तन कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग भी की गई। जिन महिलाओं को मैमोग्राफी की आवश्यकता पाई गई, उन्हें आगे की जांच के लिए बीएमसी अस्पतालों में रेफर किया गया।
बीएमसी ने बताया कि मैमोग्राफी की सुविधा लोकमान्य तिलक अस्पताल (सायन), केईएम अस्पताल, नायर अस्पताल, टाटा कैंसर अस्पताल, अहिल्याबाई होलकर कैंसर अस्पताल (भायखला) तथा सीपीएए (CPAA), महालक्ष्मी सहित अन्य केंद्रों पर उपलब्ध है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना है।


