मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के विले पार्ले स्थित बीएमसी संचालित कूपर अस्पताल में एक्स-रे (X-Ray) मशीनें लंबे समय से बंद होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में जांच सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।


अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टरों द्वारा एक्स-रे की सलाह दिए जाने के बाद मरीजों को अस्पताल से बाहर निजी केंद्रों पर भेजा जा रहा है। निजी लैब में जांच के लिए सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में यह सुविधा कम लागत या निःशुल्क मिलनी चाहिए।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है। कई मरीज पैसे की कमी के कारण समय पर जांच नहीं करा पा रहे हैं, जिससे इलाज में भी देरी हो रही है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने बीएमसी प्रशासन से मांग की है कि कूपर अस्पताल की बंद पड़ी एक्स-रे मशीनों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए या नई मशीनें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को अस्पताल परिसर में ही जांच की सुविधा मिल सके और उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।


