श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यूजीलैंड भेजी जा रही 10.990 किलोग्राम एफेड्रिन (Ephedrine) जब्त की है। इस मामले में तमिलनाडु के चेन्नई निवासी एस. हमीद को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए अंतरराष्ट्रीय कूरियर बुक कर मादक पदार्थ विदेश भेजने का नेटवर्क चला रहे थे।


एनसीबी के अनुसार, 21 और 25 जुलाई 2026 को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर मुंबई में न्यूजीलैंड भेजे जा रहे तीन संदिग्ध कूरियर पार्सलों को रोका गया। पहले दो पार्सलों की जांच में फर्श पर बिछाने वाले मैट (Floor Mats) के भीतर कपड़े की परतों के बीच 7 किलोग्राम एफेड्रिन छिपाकर रखा गया था। कूरियर के साथ लगाए गए दस्तावेज भी पूरी तरह फर्जी पाए गए।


जांच के दौरान इस नेटवर्क की कड़ी चेन्नई के त्रिप्लिकेन इलाके तक पहुंची। एनसीबी की टीम ने वहां छापेमारी कर एस. हमीद को गिरफ्तार किया। उसके ठिकाने से पैकिंग सामग्री, डिजिटल वेटिंग मशीन, हीट सीलिंग मशीन, प्लास्टिक बैग, फर्जी पहचान पत्र, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। आरोपी को 23 जुलाई को गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया।


पूछताछ में आरोपी ने न्यूजीलैंड भेजे जा रहे एक और कूरियर पार्सल की जानकारी दी। इसके बाद 25 जुलाई को महाराष्ट्र के कल्याण जिले में उस पार्सल को रोका गया। जांच में बेडशीट और फोटो फ्रेम की परतों के बीच 3.990 किलोग्राम एफेड्रिन छिपाकर रखा गया था। इस तरह कुल 10.990 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद की गई।
एनसीबी ने बताया कि एफेड्रिन एक नियंत्रित (Controlled) पदार्थ है, जिसका सीमित चिकित्सीय उपयोग होता है, लेकिन इसका अवैध रूप से मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है। मेथामफेटामाइन अत्यधिक लत लगाने वाला मादक पदार्थ है, जो मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डालता है और लंबे समय तक सेवन से जानलेवा भी साबित हो सकता है।
फिलहाल एनसीबी एफेड्रिन के स्रोत, इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी या अवैध गतिविधियों की कोई जानकारी मिले तो वे राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘MANAS’ (टोल फ्री नंबर 1933) पर सूचना दें। ब्यूरो ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


