मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे ने शहर में सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कचरा जमा होने की आशंका रहती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर विशेष निगरानी रखी जाए। झुग्गी-बस्तियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कचरा संग्रहण व्यवस्था को अधिक मजबूत और नियमित बनाया जाए, ताकि कहीं भी कचरे का ढेर न लगने पाए।


बुधवार सुबह आयुक्त अश्विनी भिडे ने मानखुर्द, गोवंडी और परेल क्षेत्रों का दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सफाई चौकियों, सड़क मरम्मत चौकियों और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या और कचरा उत्पादन के आधार पर अलग-अलग सफाई रणनीति तैयार की जाए। कचरा संग्रहण का कार्य प्रतिदिन कम से कम दो शिफ्टों में किया जाए तथा कचरा ढोने वाले वाहनों की संख्या और उनके फेरों में भी वृद्धि की जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां कचरा जमा होने की संभावना अधिक रहती है, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, नालों तथा नदी किनारे कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त जुर्माना लगाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएं।
दौरे के दौरान आयुक्त ने कचरा संग्रहण करने वाले कॉम्पैक्टर वाहन (MH-01-CV-2303) का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने वाहन की निर्धारित मार्ग पर कार्यप्रणाली, समय पर कचरा उठाने, कचरा उठाने के बाद दवा के छिड़काव और कचरे के सुरक्षित परिवहन की भी जांच की।
गोवंडी पूर्व रेलवे स्टेशन के पास स्थित सफाई चौकी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि व्यस्त सड़कों पर यातायात शुरू होने से पहले ही झाड़ू लगाने और सफाई का कार्य पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों को स्वच्छ सड़कें मिलें और यातायात प्रभावित न हो। मुख्य मार्गों और प्रमुख सड़कों की सफाई के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कर्मचारियों और मशीनों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।
परेल क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान अश्विनी भिडे ने कहा कि फुटपाथों को हमेशा स्वच्छ, पैदल चलने योग्य और अतिक्रमण मुक्त रखा जाए। फुटपाथों पर अनधिकृत सामान, निर्माण सामग्री, फेरीवालों या कचरे के कारण नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। अतिक्रमण हटाने के साथ उसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। प्रत्येक वार्ड की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सूक्ष्म स्तर पर समस्याओं का अध्ययन कर प्रभावी समाधान लागू किए जाएं, ताकि मुंबई को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके।


