मुंबई वार्ता संवाददाता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के भांजे कैप्टन अमोल महाडिक ने शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की मौजूदगी में मुंबई के तिलक भवन में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं तेलंगाना के सह-प्रभारी सचिन सावंत, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे सहित कई नेता मौजूद रहे।


हर्षवर्धन सपकाल ने महाडिक का कांग्रेस परिवार में स्वागत करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों पर लगातार हमला हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार मनमाने ढंग से शासन चला रही है, जो देश के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और देशभर, खासकर युवाओं का उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है।


सपकाल ने कहा कि कैप्टन अमोल महाडिक ने भी राहुल गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए कांग्रेस का दामन थामा है। उन्हें प्रोफेशनल कांग्रेस विभाग में जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे उनके अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगा।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद कैप्टन अमोल महाडिक ने कहा कि उनका परिवार हमेशा से कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ा रहा है। उनके दादा दत्ताजीराव उर्फ अण्णासाहेब तटकरे कांग्रेस के नेता थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होकर उन्हें घर लौटने जैसा महसूस हो रहा है। महाडिक ने कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व ही देश को सही दिशा दे सकता है और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि जहां भी गंदगी और अस्वच्छता है, वहां कार्रवाई होना उचित है और जिन होटलों या कैंटीनों में गंदगी पाई जाती है, उनका लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार भी “गंदगी से पैदा हुई है और हर तरफ गंदगी फैला रही है”, इसलिए “सरकार का भी लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए।”
मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे के अनशन पर बोलते हुए सपकाल ने कहा कि भाजपा-महायुति सरकार ने पहले भी दो बार जरांगे को आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया, लेकिन वादे पूरे नहीं किए, जिसके कारण उन्हें फिर से आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार सार्वजनिक करे कि अब तक जरांगे को कौन-कौन से आश्वासन दिए गए थे।
सपकाल ने आरोप लगाया कि सरकार आरक्षण के नाम पर समाजों के बीच विवाद पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में आरक्षण का समाधान चाहती है तो उसे जाति आधारित जनगणना करानी चाहिए, जो कांग्रेस की लंबे समय से मांग रही है।


