मानखुर्द की संकल्प वसाहत में गंदगी का साम्राज्य, बदहाल रास्तों से बढ़ी परेशानी।

Date:

मुंबई वार्ता/ हरिश्चंद्र पाठक

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से देशभर में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन मानखुर्द के वीर जीजामाता मार्ग स्थित संकल्प वसाहत की करबला चाल में गंदगी और बदहाल रास्तों के कारण नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।


करीब 20 वर्ष पहले बसी इस झोपड़पट्टी में आज भी मूलभूत नागरिक सुविधाओं का अभाव है। स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को देखते हुए आदिवासी पारधी महासंघ, मुंबई एवं नवी मुंबई के अध्यक्ष संतोष एकनाथ पवार ने स्थानीय नगरसेवक नवनाथ बन से रास्तों के निर्माण के साथ पानी की निकासी के लिए नालियां बनाने की मांग की है।


जानकारी के अनुसार, वीर जीजामाता मार्ग स्थित संकल्प वसाहत को करीब 20 वर्ष पहले ट्रांजिट कैंप के रूप में बसाया गया था। यहां बड़ी संख्या में ऐसे परिवार रहते हैं, जिन्हें रेल पटरियों के किनारे से पुनर्वासित कर इस क्षेत्र में लाया गया था। वर्तमान में इस बस्ती में करीब 900 झोपड़े हैं और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं।

■ सफाई के अभाव में कचरे का अंबार


संतोष एकनाथ पवार ने बस्ती का दौरा करने के बाद आरोप लगाया कि मनपा की ओर से नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं किए जाने के कारण जगह-जगह कचरे का ढेर जमा है। इससे क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बरसात के मौसम में विभिन्न बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है।

■ बरसात में जलभराव से बढ़ी मुश्किल


बस्ती की एक बड़ी समस्या यहां के ऊबड़-खाबड़ और जर्जर रास्ते हैं। वर्षों बीत जाने के बावजूद इन रास्तों का निर्माण या उचित सुधार नहीं किया गया है। बारिश होने पर रास्तों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं सहित सभी नागरिकों को आने-जाने में परेशानी होती है।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। ऐसे में गंदगी, जलभराव और मच्छरों की समस्या मिलकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।


संतोष एकनाथ पवार ने मांग की है कि मनपा प्रशासन तत्काल बस्ती में नियमित सफाई अभियान चलाए, जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण करे और जर्जर रास्तों को पक्का किया जाए, ताकि संकल्प वसाहत के नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें और बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिले।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

15 साल से मुंबई में चल रहे भूस्खलन के हादसे का कोई हल नहीं है; खतरनाक जगहों पर रह रहे हैं 22,483 परिवार।

मुंबई वार्ता संवाददाता मुंबई में भूस्खलन के कारण जानमाल...