मुंबई वार्ता संवाददाता

विलेपार्ले पश्चिम की एक ऊंची आवासीय इमारत में आग लगने की घटना के दो दिन बाद मुंबई फायर ब्रिगेड ने इमारत की अग्निशमन व्यवस्था में गंभीर खामियां पाए जाने पर सोसायटी को नोटिस जारी किया है। जांच में सामने आया कि इमारत का फायर-फाइटिंग सिस्टम ऑटोमैटिक मोड के बजाय मैनुअल मोड में रखा गया था, जिससे आपात स्थिति में उसकी प्रभावशीलता प्रभावित हुई।


यह कार्रवाई विले पार्ले के शांता भवन सीएचएस में मंगलवार रात हुई भीषण आग के बाद की गई है। इस आग में 11वीं मंजिल के एक फ्लैट में दो वर्षीय अबीर वटाविया और 23 वर्षीय घरेलू सहायिका अंकिता छेत्री की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों की मौत दम घुटने से होने की आशंका है।
■ 15 दिन में खामियां दूर करने का निर्देश
फायर ब्रिगेड ने सोसायटी को जे-फॉर्म नोटिस जारी कर अग्निशमन उपकरणों को दोबारा पूरी तरह कार्यशील स्थिति में लाने और सभी जरूरी फायर सेफ्टी नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। रिपोर्ट के अनुसार सोसायटी को खामियां दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। तय अवधि में सुधार नहीं किए जाने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
■ केवल दो लोगों को पता था सिस्टम कैसे चलाना है
जांच में यह भी सामने आया कि इमारत की अग्निशमन व्यवस्था मैनुअल मोड में थी और उसे संचालित करने की जानकारी कथित तौर पर केवल दो लोगों को थी। ऐसे में आग लगने के समय फायर सिस्टम का तत्काल और प्रभावी इस्तेमाल नहीं हो पाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
■ आग के कारणों की जांच जारी
फायर ब्रिगेड अभी तक आग लगने के वास्तविक कारण का पता नहीं लगा सकी है। अधिकारियों के अनुसार परिवार के सदस्य घटना के सदमे में हैं और प्रमुख प्रत्यक्षदर्शी से अभी विस्तृत पूछताछ नहीं हो पाई है। अधिकारी दोबारा उनका बयान लेने की कोशिश करेंगे।
आग बुझाने के दौरान बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल होने के कारण इमारत के कई कमरों और विद्युत प्रतिष्ठानों में पानी पहुंच गया। इसके बाद पूरे भवन के बिजली कनेक्शनों की जांच लाइसेंस प्राप्त निजी इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों से कराई जा रही है। जांच पूरी होने और फायर सेफ्टी सुनिश्चित होने तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी।
विलेपार्ले की इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम के नियमित रखरखाव, ऑटोमैटिक मोड और आपातकालीन संचालन की जानकारी सुनिश्चित करने की जरूरत को उजागर किया है।


