मुंबई वार्ता संवाददाता

पश्चिम रेलवे (WR) ने मुंबई मंडल के रेलवे स्टेशनों पर आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्टेशन पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। यह कदम पिछले वर्ष नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है।


पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, मुंबई मंडल के सभी स्टेशनों के स्टेशन अधीक्षक और स्टेशन मास्टर (प्रभारी) को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अपने-अपने स्टेशन परिसर को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने के लिए नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोडल अधिकारियों को स्थानीय नगर निकायों के साथ समन्वय कर स्टेशन परिसर में मौजूद आवारा कुत्तों को हटाने तथा उनके दोबारा रेलवे परिसर में प्रवेश को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने होंगे। इसके साथ ही की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी रखना होगा और जरूरत पड़ने पर मंडल कार्यालय को अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।
■ यात्रियों के लिए संपर्क जानकारी प्रदर्शित होगी
रेलवे स्टेशनों के प्रवेश द्वारों पर संबंधित नोडल अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने की योजना है। इससे यात्री स्टेशन परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी या उससे जुड़ी किसी समस्या की सूचना सीधे संबंधित अधिकारी को दे सकेंगे।
■ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई
पश्चिम रेलवे का यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले वर्ष नवंबर में दिए गए निर्देशों के अनुरूप है। अदालत ने अधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, जिनमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और स्कूल शामिल हैं, वहां आवारा कुत्तों को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित आंतरिक परिपत्र करीब 10 दिन पहले जारी किया गया था। मुंबई मंडल रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों को सेवाएं देता है। ऐसे में रेलवे परिसरों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को यात्रियों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेलवे का उद्देश्य केवल आवारा कुत्तों की मौजूदगी को नियंत्रित करना ही नहीं, बल्कि स्टेशनों पर यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुचारु वातावरण सुनिश्चित करना भी है।


