UGC NET की तीन विषयों की प्रश्नपत्रिकाओं में गंभीर खामियां, अभाविप ने NTA से छात्रों की परेशानी दूर करने की मांग की ।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने जून 2026 में आयोजित UGC NET परीक्षा के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की पुनर्परीक्षा को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अभाविप का कहना है कि इन तीनों विषयों की प्रश्नपत्रिकाओं में तथ्यात्मक, मुद्रण, अनुवाद और भाषाई स्वरूप से जुड़ी गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं।


अभाविप के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा की प्रश्नपत्रिकाओं में इस तरह की खामियां सामने आना परीक्षा प्रक्रिया की गुणवत्ता और NTA की विश्वसनीयता दोनों के लिए चिंताजनक है। संगठन ने सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र तैयार करने, विषय विशेषज्ञों की समीक्षा, अनुवाद, प्रूफरीडिंग और अंतिम गुणवत्ता जांच के दौरान इन त्रुटियों का पता क्यों नहीं चला।

■ छात्रों पर दोबारा परीक्षा का बोझ क्यों?


अभाविप ने कहा कि छात्रों को पहले परीक्षा देनी पड़ी, फिर परिणाम का इंतजार करना पड़ा और अब NTA की व्यवस्थागत खामियों के कारण उन्हें पुनर्परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। पुनर्परीक्षा के कारण छात्रों के समय, आर्थिक संसाधनों और शैक्षणिक योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कई छात्रों को दोबारा दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक यात्रा करनी पड़ सकती है। इससे उनके सामने अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक दबाव पैदा होगा। संगठन का कहना है कि NTA की गलती का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।


■ यात्रा और परीक्षा केंद्रों की उचित व्यवस्था की मांग


अभाविप ने स्पष्ट किया कि केवल पुनर्परीक्षा आयोजित कर देना NTA की जिम्मेदारी पूरी नहीं करता। पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को किसी भी तरह की अतिरिक्त परेशानी न हो, इसकी जिम्मेदारी भी NTA को उठानी चाहिए।


संगठन ने मांग की है कि छात्रों को उचित और सुविधाजनक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता के अनुसार उनकी यात्रा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।


■ पूरी प्रक्रिया की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग


अभाविप ने प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर अंतिम गुणवत्ता जांच तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की है। संगठन के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार करने, विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा, अनुवाद, प्रूफरीडिंग और अंतिम गुणवत्ता जांच—हर स्तर पर कठोर, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था जरूरी है।


अभाविप का कहना है कि यदि एक चरण में हुई गलती अगले चरणों में भी नहीं पकड़ी जाती, तो इसे केवल व्यक्तिगत चूक नहीं माना जा सकता। यह परीक्षा व्यवस्था में मौजूद संस्थागत कमी का संकेत है। इसलिए पूरे मामले की गहन जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुधार किए जाने चाहिए।


■ पहले भी उत्तर कुंजी में देरी का मुद्दा उठाया था


अभाविप ने बताया कि संगठन ने इससे पहले UGC NET की प्रोविजनल आंसर की जारी करने में हुई देरी का मुद्दा उठाते हुए UGC सचिव को ज्ञापन सौंपा था और उत्तर कुंजी जल्द जारी करने की मांग की थी। अब उत्तर कुंजी जारी होने के बाद तीन विषयों की प्रश्नपत्रिकाओं में गंभीर त्रुटियों का सामने आना संगठन के लिए और अधिक चिंताजनक है।

■ चंडीगढ़, दिल्ली और पटना में सुझाव जुटा रहा अभाविप


अभाविप ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में चंडीगढ़, दिल्ली और पटना में बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों से प्राप्त सुझावों को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष रखा जाएगा।


■ ‘छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे NTA’


अभाविप मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार ने कहा कि UGC NET जैसी राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा की प्रश्नपत्रिकाओं में गंभीर त्रुटियां सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि NTA की व्यवस्थागत खामियों का सीधा असर छात्रों के समय, आर्थिक संसाधनों और शैक्षणिक भविष्य पर पड़ रहा है। छात्रों को NTA की गलती की कीमत नहीं चुकानी चाहिए।


उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए केवल परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। NTA को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्रों को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक परेशानी न हो तथा सुविधाजनक परीक्षा केंद्रों के साथ जरूरत के अनुसार यात्रा संबंधी व्यवस्थाएं भी की जाएं।


पवार ने प्रश्नपत्र निर्माण, विशेषज्ञ समीक्षा, अनुवाद, प्रूफरीडिंग और अंतिम गुणवत्ता जांच की पूरी प्रक्रिया में सुधार की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय करना भी आवश्यक है।


उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया और परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो अभाविप देशभर के छात्रों के साथ मिलकर इस मुद्दे को और मजबूती से उठाएगा।


अभाविप ने कहा कि छात्रों की न्यायसंगत मांगों का समाधान होने और विश्वसनीय, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने तक संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा।

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