मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सदन में शुक्रवार को उस समय हंगामा देखने को मिला, जब भाजपा नगरसेविका प्रीति साटम ने BMC के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) तानाजी कांबले पर गंभीर आरोप लगाए। साटम ने आरोप लगाया कि कांबले ने एक संपादक को किसी विशेष नागरिक विभाग से संबंधित आलोचनात्मक खबरें प्रकाशित नहीं करने की कथित तौर पर चेतावनी दी और खबरें जारी रहने पर संबंधित अखबार को मिलने वाले विज्ञापन बंद करने की बात कही।


प्रीति साटम ने इस मामले की जांच पूरी होने तक तानाजी कांबले को छुट्टी पर भेजने की मांग की। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि जांच लंबित रहने के दौरान BMC के जनसंपर्क विभाग का काम किसी सहायक आयुक्त को सौंपा जाए।


साटम के आरोपों के बाद सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। भाजपा के नगरसेवकों ने कथित तौर पर विज्ञापनों के दबाव के जरिए मीडिया की संपादकीय स्वतंत्रता को प्रभावित करने के प्रयास की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि यदि विज्ञापन रोकने की धमकी देकर खबरों के प्रकाशन को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है, तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है।
हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) की नगरसेविका और विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान तानाजी कांबले का बचाव किया। इस पर मेयर ऋतु तावड़े ने पेडणेकर को मामले की चर्चा के दौरान पक्षपातपूर्ण रुख नहीं अपनाने की चेतावनी दी।
यह पहली बार है जब BMC के किसी जनसंपर्क अधिकारी का नाम कथित तौर पर मीडिया में प्रकाशित होने वाली खबरों को प्रभावित करने के आरोपों को लेकर सीधे नगर निगम सदन के पटल पर उठाया गया है।
इससे पहले पिछले सप्ताह BMC की स्थायी समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। उस बैठक में भाजपा नगरसेवकों ने सवाल किया था कि क्या महानगरपालिका प्रशासन विज्ञापनों के माध्यम से मीडिया पर दबाव बनाकर खबरों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
नगरसेवकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मीडिया को बिना किसी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी सरकारी या नागरिक निकाय की ओर से विज्ञापन को हथियार बनाकर संपादकीय फैसलों को प्रभावित करना मीडिया की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल सदन में लगाए गए आरोपों को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। मामले में BMC प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।


