मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ओर से आयोजित औषध निरीक्षक, गट-ब पद की परीक्षा की प्रश्नपत्रिका में कथित फर्जीवाड़े के मामले में मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रिका के प्रश्नों की जानकारी हासिल कर उसे अलग प्रश्नसंच तैयार करने और अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराने का आरोप है।


महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की ओर से 22 मार्च 2026 को औषध निरीक्षक, गट-ब, अन्न एवं औषध प्रशासन संवर्ग की परीक्षा आयोजित की गई थी। पुलिस जांच के अनुसार, परीक्षा से पहले आरोपियों ने तैयार किए गए प्रश्नसंच से प्रश्न कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से प्राप्त किए। इसके बाद उन्हीं प्रश्नों का अलग प्रश्नसंच तैयार कर उसे अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराया गया। इससे महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता भंग होने का मामला सामने आया।
जांच के आधार पर संपत्ति कक्ष, अपराध शाखा, मुंबई के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मंगेश गणपतराव देसाई की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा (गैरप्रकारांना प्रतिबंध) अधिनियम, 2024 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। मामला कफ परेड पुलिस थाने में दर्ज किया गया है।
■ छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में निम्नलिखित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते — सहायक कक्ष अधिकारी, एमपीएससी
अभिजीत गणपतराव लांडे — अवर सचिव, एमपीएससी
गोपाल भाऊ मराठे — सहायक कक्ष अधिकारी, एमपीएससी
प्रवीण दिलीप पाटील — संचालक, कौटिल्य अकादमी, नंदुरबार
अमृत नामदेव पाटील
लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटील
पुलिस के अनुसार, अपराध में इन सभी की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद 26 अगस्त 2026 को उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को मुंबई के सत्र न्यायालय, कोर्ट नंबर 4 के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को 2 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस आयुक्त सदानंद राणे (डी-मध्य विभाग), अपराध शाखा, मुंबई कर रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्रिका से संबंधित जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची और इस फर्जीवाड़े में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।


