नेपाल में बाढ़ के बीच फंसे महाराष्ट्र के पर्यटक लौटे, CM फडणवीस के हस्तक्षेप से मिली सुरक्षित वापसी; बोले- ‘हम बहुत डरे हुए थे।’

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मुंबई वार्ता संवाददाता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और अचानक बिगड़े हालात के बीच फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों का एक समूह आखिरकार सुरक्षित भारत लौट आया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद नेपाल में फंसे यात्रियों की वापसी का रास्ता साफ हुआ। नागपुर और आसपास के इलाकों के 118 लोग नेपाल में शिवपुराण कथा के लिए गए थे। इनमें से चार लोग शनिवार दोपहर नागपुर पहुंचे।


58 वर्षीय वर्षा उपाध्याय ने नागपुर पहुंचने के बाद नेपाल में बिताए मुश्किल समय को याद करते हुए कहा, “हम बहुत डरे हुए थे।” उन्होंने बताया कि जिस इलाके में बाढ़ आई थी, वे उससे करीब 100 किलोमीटर दूर थे और लगातार बाढ़, नदियों के उफान तथा तबाही की खबरें सुनकर भय का माहौल बना हुआ था।

■ 19 अगस्त को नेपाल गए थे


118 लोगों का यह समूह 19 अगस्त को नेपाल पहुंचा था। शुरुआत में उन्होंने करीब चार दिन पोखरा में बिताए और इसके बाद काठमांडू पहुंचे। उनकी वापसी 28 अगस्त को निर्धारित थी, लेकिन नेपाल में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने और सड़क व पुलों पर आवाजाही प्रभावित होने के कारण वे काठमांडू में फंस गए।


यात्रियों ने बताया कि स्थिति अचानक खराब हुई। कई जगह पुल क्षतिग्रस्त हो गए और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। भारत की ओर लौटने की कोशिश के दौरान नेपाल पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई।

■ नेपाली सांसद ने कराई मुख्यमंत्री से बात


फंसे हुए यात्रियों ने काठमांडू के महेश्वरी सदन में शरण ली। इस दौरान नेपाल के एक सांसद, जिन्हें यात्रियों ने ‘राणा’ के नाम से बताया, ने उनकी मदद की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क कराया।


यात्रियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बात की और उन्हें चिंता न करने का भरोसा दिलाया। वर्षा उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद उन्हें काफी राहत मिली।


मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद नेपाल में फंसे 106 से अधिक यात्रियों की भारत वापसी की व्यवस्था की गई। नागपुर समूह के चार यात्रियों—इंदिरा चौधरी, वर्षा उपाध्याय, दीपक पांडे और सुलोचना खापरे—ने शुक्रवार दोपहर काठमांडू से दिल्ली के लिए उड़ान भरी। इसके बाद वे ट्रेन से नागपुर पहुंचे और शनिवार दोपहर करीब 12 बजे शहर पहुंचे।


■ एक यात्री की तबीयत बिगड़ने पर लिया गया हवाई मार्ग


यात्रियों ने बताया कि इंदिरा चौधरी की तबीयत खराब होने के कारण परिवारों ने उन्हें जल्द से जल्द भारत लाने का फैसला किया। इसके बाद चारों यात्रियों ने काठमांडू से दिल्ली तक विमान से सफर किया और वहां से ट्रेन के जरिए नागपुर पहुंचे।


समूह के सदस्य दीपक पांडे ने कहा कि आपदा से पहले करीब आठ-दस दिनों तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन इसके बाद पुल टूटने और नदियों में बाढ़ आने से हालात पूरी तरह बदल गए। पुलिस द्वारा रास्ते में रोक दिए जाने के बाद उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या किया जाए।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस का फोन आने के बाद उन्हें भरोसा मिला और पूरी स्थिति को संभालने में मदद मिली।
नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद अब भी राहत एवं बचाव अभियान जारी है। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।


भारत लौटने के बाद वर्षा उपाध्याय ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि अपने परिवार से दोबारा मिलकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।

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