■ डिजिटल तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता बढ़ाने पर जोर।
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, किफायती और आवश्यकता के अनुसार मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक, कंप्यूटरीकरण और आधुनिक प्रणालियों के प्रभावी इस्तेमाल से सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं में अधिक पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता लाई जाएगी।


मुंबई के ताज प्रेसिडेंट होटल में आयोजित डिजिटल हेल्थकेयर परिषद में भविष्य की तकनीक आधारित स्वास्थ्य सुविधाओं और समाधानों पर आयोजित चर्चा सत्र का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने पर विशेषज्ञों, तकनीकी कंपनियों और अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श हुआ।


मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
■ 12 करोड़ नागरिकों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर
सरकार की ओर से कहा गया कि करीब 12 करोड़ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते समय सटीक जानकारी, प्रभावी योजना और नियमित निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान कर उनमें तत्काल सुधार किया जा सकता है।
इसके साथ ही सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी डिजिटल तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
■ महाराष्ट्र के लिए विकसित होगा प्रभावी डिजिटल हेल्थ मॉडल
परिषद में विशेषज्ञों, तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। सरकार इन सुझावों के आधार पर महाराष्ट्र के लिए एक प्रभावी डिजिटल हेल्थ मॉडल विकसित करने और उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रयास करेगी।
इस पहल का उद्देश्य तकनीक को केवल सरकारी व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए उसका वास्तविक लाभ राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना है।
■ ई-हेल्थ मैगजीन का विशेष अंक जारी
कार्यक्रम के दौरान स्पेशल इश्यू ई-हेल्थ मैगजीन का प्रकाशन किया गया। इसके अलावा कैंसर की जांच और तत्काल उपचार में मदद करने वाली तकनीक का भी शुभारंभ किया गया।
इस पहल के माध्यम से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।
कार्यक्रम में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सचिव ई. रवींद्रन, ईएसआईएस आयुक्त रमेश चव्हाण, राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अण्णासाहेब चव्हाण, मित्रा संस्था के सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमन मित्तल, सुधीर मेनन, डॉ. नारायणी सहित स्वास्थ्य एवं तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञ, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सरकार का लक्ष्य डिजिटल तकनीक का अंतिम लाभ महाराष्ट्र के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।


