मुंबई वार्ता संवाददाता

कळवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में मरीज के खाने में कॉकरोच मिलने के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अस्पताल की कैंटीन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल बंद कर दिया है। कैंटीन का संचालन राम कैटर्स द्वारा किया जा रहा था। FDA की जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघन सामने आए।


जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त को आंखों की सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने शिकायत की थी कि उसे परोसी गई दाल/खाने में कॉकरोच मिला है। घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी फैल गई। इस मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के डीन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


शिकायत और विरोध के बाद FDA के अधिकारियों ने अस्पताल की रसोई और कैंटीन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद FDA ने कैंटीन का संचालन निलंबित कर दिया और खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए।
अस्पताल की डीन डॉ. स्वप्नाली कदम के मुताबिक, कैंटीन अगले दो से तीन दिनों तक बंद रह सकती है। हालांकि, FDA की अंतिम जांच और अनुमति मिलने तक कैंटीन को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है, ताकि कैंटीन बंद होने से मरीजों को भोजन मिलने में परेशानी न हो।
FDA ने कैंटीन संचालक राम कैटर्स के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों की मंजूरी के बिना ठेकेदार को दोबारा कैंटीन शुरू करने की अनुमति नहीं होगी।
इस घटना ने सरकारी अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि केवल कैंटीन बंद करने के बजाय जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में मरीजों के भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।


