मुंबई वार्ता संवाददाता



महाराष्ट्र के नांदेड जिले में 1127 किलो गांजा जब्ती के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट द्वारा की गई जांच के बाद हुई।


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, विशेष NDPS न्यायालय, बिलोली, नांदेड ने 8 सितंबर 2026 को गोकुल नारायण राजपूत और सुनील यादव महाजन को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत दोषी करार दिया।


■ ट्रक से 49 बोरियों में मिला था 1127 किलो गांजा
मामला 15 नवंबर 2021 का है। NCB मुंबई जोनल यूनिट ने नांदेड जिले के नायगांव तालुका स्थित मांजरम गांव के पास MH-26-AD-2165 नंबर के ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान ट्रक से 49 बोरियों में कुल 1127 किलो गांजा बरामद हुआ था।
NCB ने गांजे के साथ ट्रक और अन्य संबंधित सामान को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया था।
■ ड्राइवर और सह-ड्राइवर गिरफ्तार
इस मामले में ट्रक चालक गोकुल नारायण राजपूत और सह-चालक सुनील यादव महाजन को गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सबूतों के आधार पर साबित किया कि दोनों आरोपी गांजे की व्यावसायिक मात्रा के जानबूझकर कब्जे (conscious possession) में थे और अपने कब्जे के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहे।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री की जांच के बाद माना कि अभियोजन पक्ष दोनों के खिलाफ अपराध को संदेह से परे साबित करने में सफल रहा।
■ दोनों को 10-10 साल की सजा
अदालत ने दोनों दोषियों को निम्न सजा सुनाई:
10 वर्ष का सश्रम कारावास (RI)
1-1 लाख रुपये का जुर्माना
जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त 6 महीने का सश्रम कारावास
इसके अलावा अदालत ने NDPS अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जब्त किए गए ट्रक और अन्य संबंधित सामान को जब्त (confiscate) करने का भी आदेश दिया है। यह कार्रवाई निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अधीन होगी।
■ NCB ने दोहराई ड्रग तस्करी के खिलाफ प्रतिबद्धता
NCB ने कहा कि यह सजा ड्रग तस्करी के मामलों में प्रभावी जांच और अभियोजन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एजेंसी ने कहा कि वह मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को खत्म करने और ‘ड्रग फ्री इंडिया’ के लक्ष्य में योगदान देने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
NCB ने नागरिकों से भी ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की है। मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या वितरण से जुड़ी जानकारी MANAS – National Narcotics Helpline के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। NCB के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है।


