मुंबई वार्ता संवाददाता

जातिवार जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए स्पष्ट और अलग कॉलम शामिल किया जाए तथा जनगणना तेलंगाना के पैटर्न पर कराई जाए। यह मांग कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी विधायक हरीश चौधरी ने की है।


तिलक भवन में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की संयुक्त पत्रकार परिषद आयोजित की गई। पत्रकारों को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि जातिवार जनगणना सभी जातियों के हित में है। देश में विभिन्न जातियों की वास्तविक और स्पष्ट संख्या सामने आने के बाद ही प्रत्येक सामाजिक वर्ग को न्याय और उसकी आबादी के अनुपात में उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सकती है।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिन कोविड-19 का कारण बताते हुए इसे टाल दिया गया। कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लगातार जातिवार जनगणना की मांग उठाई। कांग्रेस के लगातार प्रयासों के बाद मोदी सरकार को जातिवार जनगणना की घोषणा करनी पड़ी।
हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट भूमिका है—“जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।” सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा जातिवार जनगणना की मांग उठाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘अर्बन नक्सल’ की सोच बताकर नजरअंदाज किया था।
चौधरी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जातिवार जनगणना कराने के संबंध में कई बार पत्र लिखे, लेकिन उन्हें उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली। कांग्रेस के लगातार दबाव के बाद केंद्र सरकार को वर्ष 2025 में जातिवार जनगणना के लिए अधिसूचना जारी करनी पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जातिवार जनगणना की घोषणा तो कर दी है, लेकिन उसके मूल उद्देश्य से भटक रही है। उनके अनुसार, यदि विभिन्न सामाजिक वर्गों के सटीक आंकड़े सामने नहीं आते हैं, तो सरकार के लिए प्रभावी नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं बनाना मुश्किल होगा। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही वंचित और पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार तथा उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सकती है।
हरीश चौधरी ने कहा कि बिहार की तत्कालीन नीतीश कुमार सरकार और तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने पहले ही जातिवार सर्वेक्षण कराकर उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी तरह देश में भी पारदर्शी और व्यापक जातिवार जनगणना की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और शेष देश में फरवरी से जनगणना शुरू होने वाली है। ऐसे में सरकार के पास अभी आवश्यक सुधार करने का समय है। जनगणना फॉर्म में SC/ST की तरह OBC वर्ग के लिए भी स्पष्ट कॉलम का प्रावधान किया जाए और तेलंगाना पैटर्न के आधार पर जातिवार जनगणना कराई जाए, यही कांग्रेस की प्रमुख मांग है।


