■ आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच के फर्जी अधिकारी बनकर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का अंधेरी पुलिस स्टेशन द्वारा किया गया था पर्दाफाश। आयकर विभागीय कर्मचारी भी शामिल।
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

अंधेरी पुलिस ने आयकर (Income Tax) और क्राइम ब्रांच अधिकारी होने का नाटक कर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी (Extortion) मांगने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में अब आयकर विभागीय अधिकारियों के भी शामिल होने की जानकारी मिली है। आरोपी पहले भी ठाणे में इसी प्रकार की फर्जी छापेमारी कर रू 25 लाख की वसूली कर चुके थे।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता राजकुमार कंडास्वामी (उम्र 45 वर्ष) के पास पहले संतोष उदय खोपटकर नाम का व्यक्ति ड्राइवर की नौकरी करता था। 6 महीने पहले वेतन न मिलने के कारण उसका विवाद हुआ था, जिसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी रंजिश के चलते संतोष खोपटकर ने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी अधिकारी बनने की साजिश रची।


आरोपियों ने शिकायतकर्ता की निजी और गोपनीय जानकारी एकत्र की। इसके बाद खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच (Crime Branch) का अधिकारी बताकर 6 पुरुष और 3 महिला आरोपियों ने शिकायतकर्ता के कार्यालय और उसकी पत्नी की निजी मालकी की ऑफिस इमारत में जबरन अवैध रूप से प्रवेश किया।


आरोपियों ने फर्जी सरकारी पहचान पत्र (ID Cards) और वारंट/पहचान पत्र दिखाकर शिकायतकर्ता, उनकी पत्नी और ऑफिस के 10 कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए। कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर आरोपियों ने 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज किया।


शिकायत मिलने पर अंधेरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2), 204, 205, 308, 329, 333, 140(2), 127(1), 127(7), 351(2), 308(4) के तहत मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई।
■ गिरफ्तार किए गए आरोपी:
संतोष उदय खोपटकर (उम्र 37 वर्ष)
विनय रमेश मोरे (उम्र 37 वर्ष)
प्रेम किसन सबनानी (उम्र 50 वर्ष)
प्रज्ञा हरीश माईन (उम्र 27 वर्ष)
रेशमा शामराव वारंग (उम्र 49 वर्ष)
सबीना हाफीज शेख (उम्र 48 वर्ष)
■मामले में शामिल (आयकर विभाग से जुड़े) आरोपी:
जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी सुरेश मिश्रा और सुनील गोरे आयकर विभाग में निरीक्षक (Inspector) और सहायक (Assistant) के पद पर कार्यरत हैं। दिनांक 10/09/2026 को पुलिस ने तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर इस गिरोह में शामिल 4 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जबकि एक आरोपी अब भी फरार हैं।
गिरफ्तार 4 अन्य आरोपी:-
सुरेश महावीरप्रसाद मिश्रा (उम्र 57 वर्ष) – आयकर निरीक्षक
सुनिल मनोहर गोरे (उम्र 59 वर्ष) – कर सहायक (Tax Assistant)
जितु उर्फ जितेंद्र नामदेव मोरे (उम्र 52 वर्ष)
अशोक विठोबा शिंदे (उम्र 57 वर्ष)
■ पुलिस टीम और मार्गदर्शन:
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिम प्रादेशिक विभाग) अभिनव देशमुख, पुलिस उपायुक्त (परिमंडल 09) दत्ता नलावडे और सहायक पुलिस आयुक्त (अंधेरी विभाग) योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मच्छिंद्र और अतुल निकम (गुन्हे) की टीम द्वारा की गई।
जांच टीम:
सहा. पो. नि. रामदास कदम, रोहन सुर्व, रामेश्वर कर्पे, राजेंद्र पेडणेकर, पो. हवा. पुजारी, घडवले, लोंढे, शिंदे, म्हात्रे, चांबारे, गवली, लोटे आदि पुलिस कर्मियों ने इस कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई।


