मराठी फिल्मों के लिए बढ़ाए जाएंगे सिनेमाघर, आधुनिक सुविधाओं से लैस नई फिल्म सिटी बनेगी: मुख्यमंत्री फडणवीस।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में मराठी फिल्मों को अधिक सिनेमाघर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सरकार ने योजना तैयार की है, जिसकी जल्द घोषणा की जाएगी। साथ ही मराठी फिल्म उद्योग के विकास के लिए आधुनिक तकनीक और सभी जरूरी सुविधाओं से लैस फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 62वें महाराष्ट्र राज्य मराठी फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान दी।


मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मराठी सिनेमा की कलात्मक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक से युक्त फिल्म सिटी विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक आधुनिक सुविधाएं, तकनीक और विभिन्न प्रकार के सेट एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि मराठी फिल्मों को अधिक से अधिक सिनेमाघर उपलब्ध कराने की योजना भी तैयार की गई है और इसकी घोषणा जल्द की जाएगी।


समारोह में सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर, सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी, फिल्म सिटी की प्रबंध निदेशक स्वाति म्हसे पाटील समेत फिल्म जगत की कई हस्तियां मौजूद थीं। वरिष्ठ संगीतकार पंडित हृदयनाथ मंगेशकर, अभिनेत्री हेलन खान, अभिनेत्री रानी मुखर्जी, अभिनेता-निर्देशक प्रसाद ओक और किरण शांताराम भी समारोह में उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कलात्मक दृष्टि से मराठी फिल्में देश की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में शामिल हैं। उनकी पहचान बेहतर विषय-वस्तु, विविधता और प्रयोगधर्मिता से होती है। मराठी रंगमंच को भी देश का श्रेष्ठ रंगमंच माना जाता है और मराठी कलाकारों ने इसकी परंपरा एवं प्रतिष्ठा को आज भी कायम रखा है। इसी समृद्ध विरासत के बल पर मराठी सिनेमा लगातार आगे बढ़ रहा है।


समारोह में मुख्यमंत्री फडणवीस ने पंडित हृदयनाथ मंगेशकर को चित्रपति वी. शांताराम जीवनगौरव पुरस्कार और अभिनेता-निर्देशक प्रसाद ओक को चित्रपति वी. शांताराम विशेष योगदान पुरस्कार प्रदान किया। वहीं सलिम खान को राज कपूर जीवनगौरव पुरस्कार और रानी मुखर्जी को राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सलिम खान की ओर से अभिनेत्री हेलन ने जीवनगौरव पुरस्कार स्वीकार किया।


मुख्यमंत्री ने पंडित हृदयनाथ मंगेशकर के संगीत योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लगातार संगीत साधना के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। ज्ञानेश्वर माउली, वीर सावरकर और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे विषयों पर उनकी रचनाओं ने महाराष्ट्र की संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्रभावना को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। ‘मोगरा फुलला’, ‘अरे अरे ज्ञाना झालासी पावन’, ‘रुणुझुणु रुणुझुणु रे भ्रमरा’ और ‘शिवकल्याण राजा’ जैसी अमर रचनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।


मुख्यमंत्री ने सलिम-जावेद की जोड़ी और सलिम खान के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि ‘जंजीर’, ‘दीवार’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने प्रभावशाली नायक और यादगार किरदार गढ़े तथा भारतीय सिनेमा में ‘एंग्री यंग मैन’ की अवधारणा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


प्रसाद ओक की अभिनय और निर्देशन क्षमता की प्रशंसा करते हुए फडणवीस ने उन्हें कला के क्षेत्र में ‘360 डिग्री मैन’ बताया। फिल्म ‘धर्मवीर’ में आनंद दिघे की भूमिका को प्रभावी बताते हुए उन्होंने ओक के भविष्य के कलात्मक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं रानी मुखर्जी के तीन दशक लंबे फिल्मी करियर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मर्दानी’ जैसी फिल्मों में उनके प्रभावशाली महिला-केंद्रित किरदारों की सराहना की।


■ रामटेक और नासिक में नई फिल्म सिटी की तैयारी


सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने बताया कि महाराष्ट्र और मुंबई को दुनियाभर में फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है। मराठी के साथ-साथ अन्य भाषाओं के सिनेमा के माध्यम से महाराष्ट्र ने फिल्म उद्योग को समृद्ध परंपरा दी है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सरकार फिल्म निर्माण से जुड़ी सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि मुंबई की फिल्म सिटी, एन.डी. स्टूडियो और कोल्हापुर में उपलब्ध शूटिंग सुविधाओं के साथ अब रामटेक और नासिक में नई फिल्म सिटी स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।


शेलार ने कहा कि पर्दे के सामने और पर्दे के पीछे काम करने वाले कलाकारों, तकनीशियनों तथा फिल्म उद्योग से जुड़े अन्य लोगों ने महाराष्ट्र की इस समृद्ध परंपरा को पूरी दुनिया तक पहुंचाया है। इस वर्ष महान निर्देशक वी. शांताराम की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों पर आधारित उनकी फिल्मों ने दर्शकों को समृद्ध किया।


मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महाराष्ट्र में बनने वाली मराठी और अन्य भाषाओं की फिल्मों को अधिक से अधिक दर्शक मिलें तथा फिल्म निर्माताओं, तकनीशियनों, कलाकारों और अन्य पेशेवरों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।


62वें महाराष्ट्र राज्य मराठी फिल्म पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन, सर्वश्रेष्ठ छायांकन, सर्वश्रेष्ठ संपादन, सर्वश्रेष्ठ ध्वनि संपादन, सर्वश्रेष्ठ ध्वनि मिश्रण, सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा, सर्वश्रेष्ठ मेकअप और सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार सहित विभिन्न श्रेणियों में भी पुरस्कार प्रदान किए गए।

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