मुंबई वार्ता संवाददाता

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के मुंबई कैंपस में छात्र डॉ. जनार्दनन पी. की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के बाद छात्रों की स्वास्थ्य और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) मुंबई और छात्रों ने TISS मुंबई कैंपस के बाहर प्रदर्शन किया तथा प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को तत्काल मजबूत करने की मांग की।


अभाविप ने कहा कि कैंपस में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा, समर्पित और बैकअप एंबुलेंस तथा प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारियों की व्यवस्था होनी चाहिए। संगठन के अनुसार, आपात स्थिति में छात्रों को बिना किसी देरी के प्राथमिक चिकित्सा और जरूरत पड़ने पर उचित अस्पताल में इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।


■ 24×7 चिकित्सा सेवा और बैकअप एंबुलेंस की मांग
अभाविप ने प्रशासन के समक्ष 24×7 आपातकालीन चिकित्सा सेवा, समर्पित एवं बैकअप एंबुलेंस, स्पष्ट SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) और हेल्पलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग रखी है। इसके साथ ही BARC Hospital या किसी नजदीकी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के साथ MOU करने की मांग भी की गई है, ताकि गंभीर परिस्थितियों में छात्रों को तत्काल विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
संगठन ने प्रत्येक छात्र के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा की व्यवस्था करने तथा TISS हेल्थ सेंटर में पर्याप्त डॉक्टर, प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारी, जरूरी दवाइयां और आपातकालीन चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
■ ‘आश्वासन नहीं, समयबद्ध कार्रवाई जरूरी’
अभाविप मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार ने कहा कि डॉ. जनार्दनन पी. की मृत्यु से पूरे छात्र समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि कैंपस की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर उसमें जरूरी सुधार करना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में केवल आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को ठोस, प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की जान जोखिम में न पड़े।
■ 10 दिन में कार्रवाई की मांग
अभाविप मुंबई ने TISS प्रशासन को 10 दिनों के भीतर अपनी मांगों पर ठोस, दृश्यमान और संतोषजनक कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर वह आगे भी अपनी मांगों को मजबूती से उठाता रहेगा।


