मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घरों से बाहर निकलने और गणेश मंडपों में दर्शन के लिए जाने को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने सड़कों और फुटपाथों पर पैदल यात्रियों की आवाजाही में बाधा डालने वाले विज्ञापन लगाने पर रोक लगा दी है।


महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने सभी गणेशोत्सव और नवरात्रोत्सव मंडलों से निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।
आयुक्त भिडे ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक दर्शन के लिए पैदल निकलते हैं। ऐसे में फुटपाथ और सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुगम और सुरक्षित रहना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों, उत्सव मंडलों और अन्य संबंधित पक्षों से महानगरपालिका के ‘पैदल यात्री प्रथम’ (Pedestrian First) अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया।


गणेशोत्सव और नवरात्रोत्सव के दौरान व्यावसायिक विज्ञापनों के प्रदर्शन के लिए महानगरपालिका ने विशेष नियम तय किए हैं। लाइसेंस विभाग को इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा पैदल यात्रियों और यातायात में बाधा बनने वाले विज्ञापन फलक तत्काल हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
■ विज्ञापनों के लिए प्रमुख नियम
उत्सव मंडलों को गुटखा, तंबाकू और अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के विज्ञापन प्रदर्शित करने से बचना होगा। विज्ञापन इस तरह लगाए जाने चाहिए कि फुटपाथ पर पैदल चलने वालों अथवा सड़क पर यातायात को किसी भी प्रकार की बाधा न हो।
मंडल के पारंपरिक प्रवेश द्वार के ऊपरी हिस्से पर ‘भक्तों का हार्दिक स्वागत’ जैसे संदेश लगाए जा सकते हैं। प्रवेश द्वार के दाएं और बाएं ऊर्ध्वाधर हिस्से में दानदाताओं के व्यावसायिक विज्ञापन प्रदर्शित किए जा सकते हैं। इसके अलावा मंडलों को सामाजिक और नागरिक संदेशों के माध्यम से जनजागरण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
महानगरपालिका ने डिजिटल स्क्रीन के लिए भी नियम तय किए हैं। उत्सव मंडलों को जनहित, स्वास्थ्य संबंधी संदेश और व्यावसायिक विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए अधिकतम 10 बाय 10 फुट आकार की डिजिटल स्क्रीन लगाने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए यातायात विभाग और संबंधित स्थानीय पुलिस थाने का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होगा।
■ विसर्जन के बाद भी नियम लागू
महानगरपालिका के अनुसार, सार्वजनिक गणेशोत्सव और नवरात्रोत्सव के दौरान लगाए गए विज्ञापन फलक विसर्जन के बाद भी नहीं छोड़े जा सकेंगे। संबंधित मंडलों को विसर्जन के अगले दिन स्वयं पहल करते हुए सभी विज्ञापन फलक हटाने होंगे।
आयुक्त अश्विनी भिडे ने कहा कि सार्वजनिक उत्सवों की धार्मिक और सामाजिक भावना को बनाए रखते हुए विज्ञापनों का प्रदर्शन अनुशासित तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी मंडलों और संबंधित पक्षों से निर्धारित नियमों का पालन करने तथा मुंबई के ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।


