मुंबई वार्ता संवाददाता

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में गोरेगांव और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी के बीच बन रहे 1.26 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने शुक्रवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए।


जीएमएलआर परियोजना के पूरा होने से पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच यातायात की समस्या कम होने की उम्मीद है। करीब 12.20 किलोमीटर लंबी इस पूरी परियोजना से दोनों उपनगरों के बीच यात्रा का समय 75 मिनट से घटकर लगभग 25 मिनट होने का दावा बीएमसी ने किया है। इससे ईंधन की बचत के साथ मुंबई के वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी सुधार होने की संभावना है।


परियोजना के तहत दिंडोशी न्यायालय से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी के बीच तीन-तीन लेन वाले फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। फ्लाईओवर दिंडोशी न्यायालय से शुरू होकर रत्नागिरी जंक्शन स्थित होटल के पास मुड़ता है और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी के पास नीचे उतरता है। इसका निर्माण एक ही खंभे पर पूर्वनिर्मित प्रबलित कंक्रीट के सेगमेंटल बॉक्स गर्डर का इस्तेमाल कर किया गया है।
बीएमसी के अनुसार, फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसमें कुल 31 खंभे और 30 स्पैन शामिल हैं। खंभों पर गर्डर लगाने, डेक स्लैब की ढलाई तथा दोनों तरफ के एप्रोच रोड का काम भी पूरा हो गया है।
फिलहाल फ्लाईओवर पर रंगरोगन, दिशासूचक बोर्ड लगाने, विद्युत खंभे स्थापित करने, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग, कैट्स आई और ध्वनि अवरोधक लगाने जैसे अंतिम कार्य जारी हैं। पुल की गुणवत्ता, सुरक्षा और यातायात क्षमता सुनिश्चित करने के लिए अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में लोड टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर 15 अक्टूबर 2026 तक फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने पुल के नीचे लगे सभी बैरिकेड्स तत्काल हटाकर सड़क को यातायात के लिए पूरी तरह खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल के आसपास जमा मलबे और ठोस कचरे को तत्काल हटाकर परिसर को स्वच्छ एवं यातायात के लिए सुरक्षित रखने को कहा।
इसके अलावा पुल से सटे 7.5 मीटर चौड़े सर्विस रोड (स्लिप रोड) का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने फ्लाईओवर के अंतिम निर्माण कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर नियोजित कार्रवाई करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता (पुल) राजेश मुळे, उपप्रमुख अभियंता (पुल) नरेश मेघराजानी, बीएमसी के अभियंता और परियोजना सलाहकार उपस्थित थे।


