सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन: आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे समेत 25 लोगों पर मामला दर्ज।

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■ मुंबई में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर शिवाजी पार्क पुलिस थाने के बाहर हुआ था प्रदर्शन; पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज की प्राथमिकी।

मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच मुंबई पुलिस ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता एवं विधायक आदित्य ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे और 23 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के सिलसिले में की गई।

प्रदर्शन में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए थे। उनकी मांग थी कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन करने के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए। पुलिस ने इस मामले में कुल 25 लोगों को नामजद किया है।

■ हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे नेता

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं।रविवार को प्रदर्शन के दौरान करीब 300 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे शिवाजी पार्क पुलिस थाने के बाहर पहुंचे और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की।

■ किन नेताओं के नाम प्राथमिकी में शामिल हैं?

जानकारी के अनुसार, प्राथमिकी में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के अलावा मनसे नेता संदीप देशपांडे, शिवसेना (यूबीटी) के विधायक वरुण सरदेसाई और महेश सावंत के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।

■ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई

मुंबई पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189(2) के साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के अंतर्गत धारा 37(1), 37(3) और 135 का उल्लेख किया है। ये प्रावधान गैरकानूनी जमावड़े और अधिकारियों द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के कथित उल्लंघन से संबंधित हैं।पुलिस की कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान लागू आदेशों के कथित उल्लंघन को लेकर की गई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ आरोप अदालत में साबित हो गए हैं।

■ आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर साधा निशाना

प्रदर्शन के दौरान आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी सड़कों पर उतरकर अपनी चिंताएं जाहिर करने वाले नागरिकों से डरती है। वहीं, अमित ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए।विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उठे विवाद के बीच मुंबई में यह घटनाक्रम सामने आया है।आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे सहित 25 लोगों के खिलाफ दर्ज इस मामले से मुंबई में निर्वाचन आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद और बढ़ गया है।

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