मुंबई वार्ता संवाददाता

देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था, भारतीय संविधान के मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से शुक्रवार, 16 अक्टूबर को मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना परिसर में हस्ताक्षर अभियान और शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। दोपहर 4:30 बजे विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के पास आयोजित इस कार्यक्रम का नारा ‘अराजकता रोको–लोकतंत्र बचाओ!’ (स्टॉप एनार्की–सेव डेमोक्रेसी!) था।


अभाविप की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभियान में विद्यार्थियों, युवाओं और जागरूक नागरिकों ने व्यापक रूप से भाग लिया। आयोजकों ने दावा किया कि लोकतंत्र के समर्थन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से संविधान के सम्मान, लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने का प्रयास किया गया।


अभाविप ने आरोप लगाया कि देश में कुछ तत्व जानबूझकर अराजकता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें संभावित बाहरी समर्थन मिलने की आशंका भी चिंताजनक है। संगठन का दावा है कि भारत विरोधी शक्तियां विभिन्न संगठनों के माध्यम से देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
परिषद ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में राष्ट्रीय हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की एकता को सुरक्षित रखने के लिए आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र केवल शासन चलाने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना, कानून के शासन को मजबूत करना और हिंसक अथवा गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना समाज के सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी है।अभाविप ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए नागरिकों को सतर्क रहने और संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखने की आवश्यकता है।
हस्ताक्षर अभियान और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए युवाओं को लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।अभियान के समापन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने देश के विद्यार्थियों और युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने, संवैधानिक तरीके से अपनी भूमिका निभाने और एक मजबूत, शांतिपूर्ण तथा न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की।


