■ लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ और ‘देश का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारों से गूंजा उत्तर मुंबई, हजारों नागरिकों की मौजूदगी में महावीर नगर में हुई जनसभा।
मुंबई वार्ता संवाददाता

उत्तर मुंबई भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के महायुति गठबंधन की ओर से शनिवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विशाल रैली का आयोजन किया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा मुंबई के सांसद पीयूष गोयल के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली में उत्तर मुंबई के सभी विधायक, भाजपा के वरिष्ठ नेता, महायुति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।


रैली के दौरान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ और ‘देश का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारों तथा तख्तियों के माध्यम से विपक्ष के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। रैली में महिलाओं, युवाओं, छात्र संगठनों के सदस्यों, वकीलों, डॉक्टरों, सामाजिक संगठनों और देशभक्त नागरिकों ने भी भाग लिया। सांसद पीयूष गोयल स्वयं रैली में पैदल चलते हुए शामिल हुए।बोरीवली पश्चिम के गोराई-गांधी क्षेत्र स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से शुरू हुई यह रैली कांदिवली पश्चिम के महावीर नगर स्थित सप्ताह मैदान पहुंची, जहां विशाल जनसभा के साथ इसका समापन हुआ।


उत्तर मुंबई भाजपा जिलाध्यक्ष एवं नगरसेवक दीपक (बाला) तावड़े ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि रैली में सैकड़ों छात्र और विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए। जनसभा में दीपक बाला तावड़े ने प्रस्तावना रखी, जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रमुख संबोधन किया।अपने भाषण में पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया।


उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी पराजय के कारण विपक्ष हताशा में निम्न स्तर की राजनीति कर रहा है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), कभी वोट चोरी, कभी संविधान खतरे में होने और कभी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने जैसे मुद्दों पर निराधार आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।
गोयल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस तरह की भाषा और देश के सर्वोच्च नेतृत्व के प्रति अपमानजनक व्यवहार को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता दिशाहीन और नेतृत्वविहीन हो चुके हैं।
मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर बोलते हुए गोयल ने विपक्ष से सवाल किया कि देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को आखिर क्यों बर्दाश्त किया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का तीन अलग-अलग स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत होना उचित नहीं है। उन्होंने मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस नेता निर्वाचन आयोग, सर्वोच्च न्यायालय और संविधान पर सवाल उठाते हैं, तो इससे उनकी राजनीतिक बेचैनी दिखाई देती है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि जब पार्टी चुनाव जीतती है, तब क्या वह जीत भी वोट चोरी के जरिए हासिल करती है? उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया।इस अवसर पर गोयल ने भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। गोयल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की इस पवित्र भूमि पर अराजकता फैलाने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने रैली में शामिल नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने इस आयोजन के माध्यम से कथित फर्जी नैरेटिव फैलाने वालों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।
इस रैली में महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा विधायक दल के नेता प्रवीण भाऊ दरेकर, पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी, महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश महासचिव एवं विधायक योगेश सागर, विधायक अतुल भातखलकर, विधायक मनीषा चौधरी, विधायक संजय उपाध्याय, विधायक प्रकाश सुर्वे, मुंबई महानगरपालिका के सभागृह नेता गणेश खणकर, प्रकाश दरेकर, उत्तर मुंबई भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक (बाला) तावड़े, मुंबई भाजपा महासचिव विनोद शेलार, आरपीआई के रमेश गायकवाड़, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता इंद्रपाल सिंह सहित महायुति के अनेक नेता, नगरसेवक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।


