मुंबई वार्ता संवाददाता

लोकल ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं और युवतियों के चोरी-छिपे फोटो और वीडियो बनाने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उनकी नग्न और अर्धनग्न तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले 31 वर्षीय आरोपी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी महिलाओं की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील रूप में बदलता था और इंस्टाग्राम पर अधिक से अधिक व्यूज पाने के लिए प्रसारित करता था।


दक्षिण साइबर पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, 22 जून 2026 को रात करीब 8:35 बजे 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा अपनी एक सहेली के साथ चर्चगेट से विरार जाने वाली फास्ट लोकल ट्रेन के जनरल प्रथम श्रेणी के डिब्बे में सफर कर रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने दोनों युवतियों की जानकारी और सहमति के बिना चुपचाप उनका वीडियो बना लिया।
इसके बाद 27 जून 2026 को आरोपी ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर ‘pile6531’ नामक आईडी से अश्लील गाने के साथ रील के रूप में प्रसारित कर दिया। इस रील को 1 लाख 11 हजार से अधिक बार देखा गया। इसके कारण पीड़ित युवती की निजता का उल्लंघन होने के साथ उसकी बदनामी भी हुई।इस मामले में पीड़िता की शिकायत के आधार पर 19 अक्टूबर 2026 को दक्षिण साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी का नाम, चेहरा या कोई स्पष्ट पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। आरोपी ने ‘Playboy’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था और उस पर एक लड़की की तस्वीर लगाई थी।
दक्षिण साइबर पुलिस थाने और मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और बहुस्तरीय जांच के जरिए आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद साबीर मोहम्मद रुस्तम (31) के रूप में हुई है। वह पेशे से दर्जी है और वसई पूर्व, जिला पालघर में रहता है। वह मूल रूप से मेरठ, उत्तर प्रदेश का निवासी है।
पुलिस ने आरोपी के पास से ओप्पो कंपनी का एक मोबाइल फोन जब्त किया है। मोबाइल की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी ने कई महिलाओं की जानकारी और सहमति के बिना उनके फोटो और वीडियो बनाए थे। इसके बाद AI एप्लिकेशन की मदद से इन तस्वीरों को नग्न और अर्धनग्न तस्वीरों में बदलकर (मॉर्फिंग) इंस्टाग्राम पर प्रसारित किया था। उसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक व्यूज हासिल करना था।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) बजरंग बनसोडे और सहायक पुलिस आयुक्त सायरस ईरानी के मार्गदर्शन में की गई।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नंदकुमार गोपाले के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक फातिमा बागवान, सहायक पुलिस निरीक्षक ईशान खरोते तथा पुलिस कांस्टेबल नितिन शिंदे और महिला पुलिस कांस्टेबल रेश्मा धुमाल की टीम ने इस मामले को सुलझाया।
पुलिस की नागरिकों से अपीलमुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि लोकल ट्रेन, रेलवे स्टेशन या किसी सार्वजनिक स्थान पर यदि कोई व्यक्ति महिलाओं के गुप्त रूप से फोटो या वीडियो बनाता दिखाई दे तो तत्काल रेलवे पुलिस अथवा आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपने या किसी अन्य व्यक्ति के आपत्तिजनक, मॉर्फ्ड अथवा AI से तैयार किए गए अश्लील फोटो और वीडियो को आगे न भेजें और न ही शेयर करें। ऐसी सामग्री का प्रसार करना गंभीर अपराध है।यदि किसी व्यक्ति के साथ इस तरह की साइबर धोखाधड़ी या अश्लील तस्वीरों के प्रसार की घटना होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं। पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।


