■ भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का दिया आश्वासन।
मुंबई वार्ता संवाददाता

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अमेरिका के नागरिक और भारतीय प्रवासी नागरिक (ओसीआई) कार्डधारक इमरान खान को अदालत ने भारत में रहने की अनुमति देते हुए उनके खिलाफ जारी ‘लीव इंडिया नोटिस’ पर रोक की अवधि 7 दिसंबर तक बढ़ा दी है। यह राहत उन्हें अदालत में बिना शर्त माफी मांगने और भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन देने के बाद मिली है।


सोमवार को मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ इमरान खान की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था।यह मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। यह आंदोलन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आयोजित किया गया था। इसी दौरान मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान को हिरासत में लिया था।इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि इमरान खान ने ओसीआई नियमों और वीजा शर्तों का उल्लंघन किया है।
मुंबई पुलिस की ओर से एक प्राथमिकी एफआरआरओ को भेजे जाने के बाद 14 अक्टूबर को अभिनेता को ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया गया था।सोमवार की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इमरान खान की विरोध प्रदर्शन में भागीदारी पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार भारतीय नागरिकों को प्राप्त है और ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के समान नहीं माना जा सकता।
अदालत ने सवाल उठाया कि जब इमरान खान चार दशक से अधिक समय से भारत में रह रहे हैं और इससे पहले कभी किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए, तो उन्होंने अब इस तरह के राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा क्यों लिया?अदालत की सख्त टिप्पणियों के बाद इमरान खान के वकील ने उनकी ओर से बिना शर्त माफी प्रस्तुत की और आश्वासन दिया कि वह भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे।
अभिनेता ने यह भी कहा कि उनका प्रदर्शन के आयोजकों से कोई संबंध नहीं है।हाईकोर्ट ने एफआरआरओ की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। अदालत ने टिप्पणी की कि चार दशक से अधिक समय से भारत में रह रहे और जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे व्यक्ति को देश छोड़ने का नोटिस जारी करने से पहले कम से कम अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था।
गौरतलब है कि एफआरआरओ ने 17 अक्टूबर को इमरान खान को एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, जिसमें उनके ओसीआई पंजीकरण को रद्द करने की संभावना जताई गई थी। इसके बाद अभिनेता ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।फिलहाल हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी ‘लीव इंडिया नोटिस’ को 7 दिसंबर तक स्थगित रखा है। इस मामले में अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। तब तक इमरान खान को भारत में रहने से संबंधित अंतरिम राहत जारी रहेगी।


