■ कामगारों और मालवाहतूक चालकों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन; न्यूनतम वेतन, 10 लाख रुपये का बीमा और ओवरटाइम का पूरा भुगतान सहित कई मांगें।
मुंबई वार्ता संवाददाता

कामगारों के लंबित प्रश्नों और मालवाहतूक क्षेत्र में ट्रक चालकों को होने वाली परेशानियों को लेकर भाजपा समर्थित अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ ने मुंबई और नवी मुंबई में कार्गो सेवाएं बंद रखने की चेतावनी दी है। संगठन की ओर से गुरुवार (5 नवंबर) को दोपहर 2 बजे से मुंबई के सहार कार्गो परिसर, सुतार पाखाडी, सहार विलेज, विलेपार्ले में आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन के कारण मुंबई और नवी मुंबई में मालवाहतूक सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ भाजपा से संबद्ध श्रमिक संगठन है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण इस संगठन के अध्यक्ष हैं।


पिछले कुछ महीनों में संगठन ने मुंबई के हवाई अड्डे, कार्गो और परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच अपना संगठनात्मक विस्तार किया है।संगठन की ओर से दावा किया गया था कि 2 नवंबर को मुंबई हवाई अड्डे की ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं, सहार कार्गो और वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के हजारों कामगारों ने संगठन में प्रवेश किया। इनमें सहार कार्गो में भारतीय कामगार सेना से जुड़े लगभग 500 कर्मचारी और परिवहनकर्ता भी शामिल बताए गए थे।
इसके अलावा हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर एजीएच एयरपोर्ट सर्विसेज में कार्यरत ग्राउंड हैंडलिंग कर्मचारियों के भी संगठन में शामिल होने का दावा किया गया है।अब तक इस क्षेत्र की कर्मचारी यूनियनों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और बाद में एकनाथ शिंदे गुट के साथ ही कुछ हद तक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का प्रभाव रहा है। ऐसे में भाजपा समर्थित संगठन का विस्तार और उसके बाद होने वाला यह आंदोलन श्रमिक संगठनों के बीच भाजपा की बढ़ती ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
■ मई में भी हुआ था आंदोलन
इससे पहले मई महीने में भी संगठन ने मुंबई हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एयरपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएएसएल) के कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन किया था। उस समय ग्राउंड स्टाफ, काउंटर कर्मचारियों और हैंडिमैन के आंदोलन में शामिल होने के कारण कुछ उड़ानों की सेवाएं प्रभावित हुई थीं।संगठन के महासचिव सुहास माटे ने बताया कि कामगारों के साथ हो रहे अन्याय और परिवहन चालकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। इसी वजह से आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है।
■ कार्गो और विमान सेवाओं पर पड़ सकता है असर
सहार कार्गो में माल की लोडिंग-अनलोडिंग, छंटाई, भंडारण और ट्रकों के जरिए माल की ढुलाई का काम करने वाले कर्मचारी यदि बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होते हैं तो कार्गो सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।इसी तरह ग्राउंड हैंडलिंग कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होते हैं तो विमानों में सामान चढ़ाने-उतारने, विमानों की टर्नअराउंड प्रक्रिया और कुछ उड़ानों के समय-सारिणी पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कार्गो कर्मचारियों के साथ यात्री विमानों की ग्राउंड हैंडलिंग में कार्यरत कितने कर्मचारी आंदोलन में शामिल होते हैं।
मई में एआईएएसएल कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान मुंबई हवाई अड्डे पर कुछ आने वाली उड़ानों में देरी हुई थी। यात्रियों को अपना सामान मिलने में भी काफी समय लगा था। ऐसे में यदि इस बार ग्राउंड हैंडलिंग कर्मचारी बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होते हैं तो यात्री विमान सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
■ संगठन की प्रमुख मांगें
अखिल भारतीय कामगार कर्मचारी संघ ने कामगारों के हितों को लेकर कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से :
* सभी कामगारों को न्यूनतम वेतन कानून के अनुसार वेतन दिया जाए।
* कामगारों के परिवारों को 10 लाख रुपये की समूह टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी उपलब्ध कराई जाए।
* चिकित्सा बीमा का प्रीमियम नियोक्ता और कर्मचारी के बीच समान रूप से बांटा जाए।
* बिना उचित कारण कामगारों को नौकरी से निकालने या निलंबित करने की कार्रवाई बंद की जाए।
* कर्मचारियों की सहमति के बिना उनका तबादला नहीं किया जाए।* कामगार विरोधी कानूनों को रद्द किया जाए।
* अतिरिक्त काम (ओवरटाइम) का नियमानुसार पूरा भुगतान किया जाए।
* कामगारों को गुमराह करने वाले तौर-तरीकों पर रोक लगाई जाए।
भाजपा समर्थित संगठन ने विमानतळ और कार्गो क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के बाद यह आंदोलन करने का निर्णय लिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आंदोलन में कितने कर्मचारी शामिल होते हैं और इसका मुंबई तथा नवी मुंबई की कार्गो एवं विमान सेवाओं पर कितना असर पड़ता है।


