लावणी कलाकारों ने मुख्यमंत्री सहायता निधि में दिए एक लाख रुपये, आशिष शेलार को सौंपा चेक।

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■ पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी के नाट्यगृहों में निःशुल्क कार्यक्रम आयोजित कर जुटाई जा रही है सूखाग्रस्तों की मदद के लिए राशि; 31 मार्च 2027 तक चलेगा अभियान।

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में सूखाग्रस्तों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में योगदान देने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार की पहल को कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इसी अभियान के तहत लावणी कलाकारों ने मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए एक लाख रुपये का योगदान दिया है। इस राशि का चेक सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार को सौंपा गया।

सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी और पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी की निदेशक मीनल जोगलेकर ने यह चेक मंत्री आशिष शेलार को सौंपा।मंत्री आशिष शेलार की अपील पर पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी के नाट्यगृहों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इन नाट्यगृहों में विभिन्न कलाकार और सांस्कृतिक संस्थाएं कार्यक्रम आयोजित कर उनसे प्राप्त होने वाली राशि मुख्यमंत्री सहायता निधि में योगदान के रूप में दे रही हैं।इस पहल के माध्यम से कलाकार अपनी कला प्रतिभा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

लावणी, संगीत, नृत्य, नाटक और हिंदी फिल्मी गीतों पर आधारित कार्यक्रमों के जरिए सहायता राशि जुटाई जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित कलाकारों ने भी इस अभियान में शामिल होने की तैयारी दिखाई है।गौरतलब है कि सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशिष शेलार ने 5 अक्टूबर को आयोजित बैठक में कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं से कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री सहायता निधि में योगदान देने की अपील की थी। इस अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी ने अपनी उपलब्ध तारीखों के अनुसार नाट्यगृह निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। फिलहाल यह अभियान 31 मार्च 2027 तक चलाया जाएगा।

लावणी से लेकर संगीत नाटक तक होंगे विभिन्न कार्यक्रमइस अभियान के तहत 26 अक्टूबर को लावणी कलावंत महासंघ की ओर से ‘लावण्य सोहळा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें कविता घडशी, आकांक्षा कदम, विद्या सदाफुले, गौरी जाधव, मोना गावडे, वर्षा दर्पे और हर्षला राऊत सहित कई कलाकारों ने भाग लिया।12 नवंबर को संस्कृति फाउंडेशन की ओर से भारतरत्न लता मंगेशकर द्वारा गाए गए गीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण गुरु शुभदा वराडकर की प्रस्तुति होगी।14 नवंबर को ‘अमरदीप, कल्पकला और सृजन’ की ओर से निर्मित नाटक ‘अब रोकें कैसे’ का मंचन किया जाएगा। इसमें सुकन्या कुलकर्णी मोने, जान्हवी पणशीकर, आकाश पाटील, ऐश्वर्या शेटे और डॉ. गिरीश ओक अभिनय करेंगे।

इसके अलावा 6 दिसंबर को राहुल देशपांडे का कार्यक्रम आयोजित होगा। 9 जनवरी 2027 को अर्चना अनिरुद्ध का बॉलीवुड गीतों पर आधारित कार्यक्रम ‘शाम-ए-अदा’ और 12 जनवरी को संजीवनी भेलांडे का हिंदी गीतों का कार्यक्रम प्रस्तावित है।पुणे के भारत नाट्य संशोधन मंदिर की ओर से फरवरी 2027 में लगातार तीन दिनों तक संगीत नाटक महोत्सव आयोजित करने की भी योजना है।

■ संस्थाओं को नाट्यगृह और तकनीकी सुविधाएं भी मिलेंगी निःशुल्क

इस अभियान में भाग लेने वाली संस्थाओं को अकादमी की उपलब्धता के अनुसार नाट्यगृह, रिहर्सल हॉल और उपलब्ध प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए जमा की जाने वाली राशि अकादमी के नियमों के अनुसार निर्धारित की गई है। संबंधित संस्थाओं को तय राशि का चेक कार्यक्रम के दिन अकादमी प्रशासन को सौंपना होगा।

इसके अलावा कार्यक्रमों के विज्ञापनों, निमंत्रण पत्रों और प्रचार सामग्री में पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी, सांस्कृतिक कार्य विभाग और महाराष्ट्र सरकार का उल्लेख करना तथा अकादमी का लोगो प्रमुखता से प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।सांस्कृतिक कार्य विभाग ने कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और मुख्यमंत्री सहायता निधि में योगदान देने की अपील की है।

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