■ गोवंडी में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने की दिलाई गई शपथ।
मुंबई वार्ता संवाददाता

युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर रोक लगाने और मानखुर्द-गोवंडी क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से गोवंडी के रफीक नगर स्थित हाजी निसार अहमद मेडिकल सेंटर में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र एवं मुंबई प्रदेश अध्यक्ष तथा स्थानीय विधायक अबू आसिम आजमी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अपर पुलिस आयुक्त धनंजय कुलकर्णी ने विधायक अबू आसिम आजमी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज को सही दिशा देने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं। नशे के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करने के लिए उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की भी प्रशंसा की।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धनंजय कुलकर्णी ने कहा, “नशा एक ऐसा राक्षस है, जो हमारी आने वाली पीढ़ियों को दीमक की तरह चाट रहा है। समाज की भलाई और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस नशे रूपी राक्षस को जड़ से उखाड़ फेंकना बेहद जरूरी है।”उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे के दुष्परिणामों को समझने और अपने भविष्य को सुरक्षित रखने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक अबू आसिम आजमी ने कहा कि नशे की लत केवल एक व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद नहीं करती, बल्कि पूरे परिवार के सपनों और भविष्य को प्रभावित करती है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से नशे से दूर रहने, अपनी पढ़ाई और हुनर पर ध्यान देने तथा जीवन में सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर विभाग के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) समीर शेख तथा मानखुर्द-शिवाजी नगर क्षेत्र के तीनों पुलिस थानों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भी उपस्थित थे।कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी के माध्यम से नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सहयोग तथा जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।


