मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश से आने वाले यात्रियों को निशाना बनाकर उनसे कथित तौर पर पैसे और कीमती सामान वसूलने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों खुद को सीमा शुल्क विभाग (कस्टम) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर यात्रियों को डराते थे और उनके सामान की जांच करने तथा जुर्माना लगाने के नाम पर वसूली करते थे।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद जोहेब उस्मान बलोच, जैद नदीम शेख और सालिया सईद अहमद कुरैशी के रूप में हुई है। बलोच अंधेरी पश्चिम का निवासी है, जबकि शेख और कुरैशी मलाड पश्चिम के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, बलोच डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करता है, शेख एक कॉल सेंटर में नौकरी करता है और कुरैशी टिफिन सेवा चलाता है।जांच में पुलिस को आरोपियों के पास से डीआरआई और कस्टम विभाग के नाम वाले कथित फर्जी पहचान पत्र मिले हैं।


आरोप है कि इन पहचान पत्रों के जरिए वे खुद को सरकारी जांच एजेंसियों का अधिकृत अधिकारी बताकर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपने जाल में फंसाते थे। वे यात्रियों से कहते थे कि उनके सामान में प्रतिबंधित वस्तुएं या विदेश से खरीदे गए नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं, जिनके लिए जुर्माना भरना पड़ेगा। इसी बहाने वे यात्रियों से पैसे और कीमती सामान की मांग करते थे।इस मामले का खुलासा शुक्रवार को बैंकॉक से मुंबई पहुंचे मुंब्रा निवासी अमन हसन मिर्जा के साथ हुई घटना के बाद हुआ।
शिकायत के अनुसार, एयरपोर्ट पर आरोपियों ने मिर्जा को रोककर उनके सामान की जांच करने की बात कही। इस दौरान एक आरोपी ने कथित तौर पर उनका कॉलर पकड़ लिया और पासपोर्ट तथा मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद उनके सामान में प्रतिबंधित वस्तुएं होने का आरोप लगाकर जांच के नाम पर दबाव बनाया गया।आरोपियों ने कथित तौर पर मिर्जा को अपने साथ पार्किंग क्षेत्र की ओर ले जाने की कोशिश भी की। इसी दौरान वहां मौजूद एक यातायात पुलिसकर्मी की नजर इस घटना पर पड़ी। उसने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। इस घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ और पुलिस ने जांच शुरू कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
■ अन्य यात्रियों को भी बनाया निशाना या नहीं, इसकी जांच
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सरकारी अधिकारी बनकर डराने और जुर्माने के नाम पर पैसे मांगने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, वे विशेष रूप से ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे, जिनके पास प्रतिबंधित वस्तुएं होने या विदेश से नए इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदकर लाने की आशंका जताई जा सकती थी।अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले भी एयरपोर्ट पर दूसरे यात्रियों को अपना शिकार बनाया था या नहीं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह कथित वसूली का धंधा कब से चल रहा था और इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
जांच एजेंसियां आरोपियों के पास मिले फर्जी सरकारी पहचान पत्रों के स्रोत का पता लगाने के साथ ही यह भी जांच कर रही हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की पहचान कैसे करते थे। पुलिस को आशंका है कि इसी तरह धमकाकर अन्य यात्रियों से भी पैसे या कीमती सामान वसूला गया हो सकता है। फिलहाल तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


