श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने नाला सफाई कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणाली के जरिए सामने आई अनियमितताओं और निविदा शर्तों के अनुसार मशीनरी तैनात करने में हुई देरी के मामले में ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 9 करोड़ 25 लाख 72 हजार 830 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि संबंधित ठेकेदारों के बिलों से वसूली जा रही है।
महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देश पर पर्जन्य जलवाहिनी विभाग ने यह कार्रवाई की है।


हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मार्च के पहले सप्ताह से मुंबई में बड़े नालों, छोटे नालों और मिठी नदी से गाद निकालने का काम शुरू किया गया था। इन कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष से एआई आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की है।


इस प्रणाली के तहत फोटो और 30 सेकंड के वीडियो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। छोटे नालों की सफाई से पहले और बाद का सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी जरूरी की गई है। एआई प्रणाली के माध्यम से सभी वीडियो और तस्वीरों का विश्लेषण कर कार्यों में होने वाली गड़बड़ियों की पहचान की जा रही है।
जांच में तिरपाल हटाने में लापरवाही, एक ही तस्वीर का दोबारा उपयोग, धूल नियंत्रण में कमी, आवश्यक तस्वीरों का अभाव, वीडियो अपलोड न करना, वाहन और वर्ककोड में विसंगति, मशीनरी और श्रमिकों की कमी, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न कराना तथा गाद के निपटान में नियमों का पालन न करना जैसी कई खामियां सामने आईं।
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने कहा कि नाला सफाई कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एआई आधारित जांच, डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि और मौके पर किए गए निरीक्षण के आधार पर कुल 8 करोड़ 99 लाख 26 हजार 830 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें बड़े नालों के लिए 1 करोड़ 39 लाख 39 हजार 380 रुपये, छोटे नालों के लिए 6 करोड़ 11 लाख 86 हजार 950 रुपये और मिठी नदी के लिए 1 करोड़ 48 लाख 500 रुपये का दंड शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक त्रुटिपूर्ण फेरी पर 1,000 रुपये के हिसाब से 26 लाख 46 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।
बीएमसी प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य यह स्पष्ट संदेश देना है कि नाला सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसी त्रुटियां सामने आने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


