मुंबई वार्ता संवाददाता

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं तेलंगाना के सहप्रभारी Sachin Sawant ने MH-CET परीक्षा में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह NEET परीक्षा पेपर लीक मामले ने देशभर के विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है, उसी तरह MH-CET परीक्षा में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
मुंबई के तिलक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में सावंत ने दावा किया कि दसवीं और बारहवीं में बेहद कम अंक पाने वाले कई विद्यार्थियों को MH-CET में 100 पर्सेंटाइल मिले हैं, जो गंभीर संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल संयोग नहीं हो सकता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


सावंत के मुताबिक, 10वीं में केवल 37 प्रतिशत अंक पाने वाले विद्यार्थी को MH-CET में 99.971 पर्सेंटाइल प्राप्त हुए। वहीं 12वीं में 51 प्रतिशत अंक पाने वाले दो विद्यार्थियों को 100 पर्सेंटाइल मिले। 45 प्रतिशत अंक पाने वाले विद्यार्थी को भी 100 पर्सेंटाइल मिला, जबकि 39 प्रतिशत अंक पाने वाले छात्र को भी परीक्षा में सर्वोच्च प्रदर्शनकर्ता बताया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक ऐसे विद्यार्थी को भी 100 पर्सेंटाइल मिला, जिसे बारहवीं में केवल 35 अंक प्राप्त हुए थे।


उन्होंने कहा कि MHT-CET गणित विषय में 100 पर्सेंटाइल पाने वाले रैंक 1, 2, 3, 4, 5, 6, 15, 16, 17 और 18 के विद्यार्थियों के HSC गणित में औसत अंक केवल 64.3 प्रतिशत थे। राज्य के टॉप 10 विद्यार्थियों में से छह विद्यार्थियों के HSC गणित में क्रमशः 60, 54, 53, 53, 40 और 35 अंक थे।
सावंत ने आरोप लगाया कि CET के टॉप 20 रैंकर्स में से छह विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत से भी कम अंक मिले थे, जबकि उन्हें CET में 99.99 या उससे अधिक पर्सेंटाइल प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी को CET गणित में 100 पर्सेंटाइल मिला, लेकिन उसके HSC PCM विषयों में कुल अंक केवल 39 प्रतिशत थे।
उन्होंने कहा कि टॉप 20 में शामिल 10 विद्यार्थियों को CET गणित में परफेक्ट 100 पर्सेंटाइल मिले, जबकि उनके HSC गणित के अंक 35 से 97 के बीच थे। यह 62 अंकों तक का अंतर दिखाता है, जो परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सावंत ने रैंक 66 वाले विद्यार्थी का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे 10वीं में गणित में 22 अंक और 12वीं में 33 अंक मिले थे, यानी वह गणित विषय में असफल रहा था। इसके बावजूद उसे CET में 99.971 पर्सेंटाइल प्राप्त हुए।
उन्होंने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री Chandrakant Patil से सवाल किया कि MH-CET परीक्षा पर नियंत्रण किसका है और इस परीक्षा प्रक्रिया में “जोशी” नामक व्यक्ति की क्या भूमिका है। उन्होंने कहा कि इसका खुलासा होना चाहिए।
सावंत ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ “परीक्षा पे चर्चा” जैसे कार्यक्रम किए जाते हैं, जबकि दूसरी ओर व्यापम जैसे परीक्षा घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में परीक्षा घोटालों की घटनाएं बढ़ी हैं।
उन्होंने बताया कि MH-CET घोटाले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया था, जिस पर परीक्षा प्राधिकरण ने सूची अस्पष्ट होने की बात कही। सावंत ने कहा कि विद्यार्थियों की पहचान सार्वजनिक न हो, इसलिए नाम छिपाए गए थे। अब वे MH-CET आयोग को दोबारा सूची और पत्र सौंपेंगे तथा जवाब मांगेंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि MH-CET परीक्षा सेल में पिछले 8 से 10 वर्षों से वही अधिकारी कार्यरत हैं और उनका तबादला तक नहीं किया गया। सावंत ने कहा कि NEET और MH-CET जैसी परीक्षाएं लाखों विद्यार्थियों का भविष्य तय करती हैं, इसलिए इन परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या घोटाला बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।


