- दोगुना हुआ भाव
मुंबई (सं. भा.) : लगभग पखवाड़े भर में दोगुने हुए भाव के कारण प्याज जहां लोगों को रुला रहा है। वहीं आसमान छूती कीमत के चलते लहसुन भी लोगों के पसीने छुड़ा रहा है।
प्याज और लहसुन के भाव में भारी उछाल देखा जा रहा है। भाव में हुई बढ़ोतरी ने आम जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया है। प्याज का भाव खुदरा बाजार में 70 रुपए के पार पहुंच गया है। एपीएमसी बाजार में प्याज के थोक भाव 40 से 50 रुपए प्रति किलो तक है। वहीं, लहसुन का भाव 400 से 500 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। होलसेल बाजार में लहसुन का भाव 250 रुपए से 300 तक है। व्यापारियों के मुताबिक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्याज और लहसुन उत्पादन के प्रमुख राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया है। प्याज और लहसुन की पैदावार कम होने से आपूर्ति कम हो गई है, जबकि मांग में कोई कमी नहीं आई है। नवी मुंबई एपीएमसी प्याज-आलू थोक विक्रेता मनोहर तोतलानी ने बताया के कि बारिश की वजह से फसलें खराब हो गई हैं, जिससे आवक कम है। बाजार में रोज आने वाली सौ गाड़ियों की जगह 50 ट्रक माल ही आ रहा है। नई फसल अब बाजार में आना शुरू हो गया है। आने वाले 15 से 20 दिन में प्याज के दाम स्थिर होने की संभावना है, लेकिन भाव कम होने में समय लगेगा।

भाव पर नियंत्रण करने के लिए सरकार ने रियायती भाव पर प्याज बेचना शुरू किया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने कहा कि लहसुन के भाव में तेजी उत्पादन कम होने के कारण है। इस कमी को आयात के जरिए पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन भारतीय लहसुन का स्वाद आयातित लहसुन की अपेक्षा लोगों को कम पसंद आ रहा है, जिससे आपूर्ति की तुलना में मांग अधिक बनी हुई है।
प्याज और लहसुन के बढ़ते भाव की वजह से घरों के बजट पर असर पड़ा है।


