मुंबई वार्ता संवाददाता

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इस युद्ध स्थिति के कारण भारत में भी गैस और ईंधन की कमी महसूस होने लगी है। यह युद्ध जल्द समाप्त होकर एशिया में शांति स्थापित हो, ऐसी सदिच्छा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने व्यक्त की है।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज ईरान के कॉन्सुलेट का दौरा कर मुंबई में ईरान के कॉन्सुल जनरल सईद रज़ा मोसायब मोतलाघ से मुलाकात कर चर्चा की। इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के महासचिव धनंजय शिंदे और सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज मिठीबोरवाला भी उपस्थित थे।


इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि, इरानी कॅान्सुलेट के निमंत्रण पर हुई इस मुलाकात के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनी के निधन पर, तथा हमले में मारे गए सैनिकों और नागरिकों—विशेष रूप से 165 स्कूली छात्राओं और 14 शिक्षकों—और दोनों पक्षों के मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की गई। इस कठिन समय में ईरान की जनता के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए संवेदना व्यक्त की गई। साथ ही यह आशा व्यक्त की गई कि युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो और शांति स्थापित हो।


लगभग एक घंटे चली इस मुलाकात में भारत और ईरान के बीच प्राचीन सभ्यतागत संबंधों का भी उल्लेख किया गया। इन संबंधों का भारतीय समाज, मराठी भाषा, साहित्य, आपसी आदान-प्रदान और संस्कृति पर पड़े प्रभाव के बारे में भी चर्चा हुई। बाधित हुई ईंधन आपूर्ति श्रृंखला जल्द सामान्य हो जाए, ऐसी अपेक्षा भी व्यक्त की गई। मोतलाघ ने वर्तमान युद्ध की स्थिति तथा उसके पीछे के घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में ईरानी जनता द्वारा दिखाए गए साहस और दृढ़ता का भी उल्लेख किया।
भारत बुद्ध और गांधी की भूमि होने के कारण दुनिया में शांति कायम रहे, ऐसी भावना और भूमिका भी व्यक्त की गई, ऐसा सपकाल ने बताया।इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मोतलाघ को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मकथा भेंट की।


