ओला सूखा साफ दिख रहा है फिर भी महायुति सरकार की आँखों पर पट्टी; दशहरे से पहले मुआवजा दीजिए: हर्षवर्धन सपकाल।

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■ विधायक तोड़ने के लिए, शक्ति पीठ हाईवे के लिए सरकार के पास पैसा है लेकिन किसानों के लिए नहीं; केंद्र सरकार से विशेष पैकेज लेकर आइए।

■ मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के बयान शर्मनाक; मदद करते हो तो क्या कोई एहसान करते हो?कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल किसानों के खेतों पर.

■ छत्रपति संभाजीनगर और जालना जिले के नुकसानग्रस्त किसानों से किया संवाद।

मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य की स्थिति अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण बेहद दयनीय हो गई है, खरीफ सीजन पूरी तरह बर्बाद हो गया है। किसानों का असीम नुकसान हुआ है लेकिन प्रशासन का एक भी अधिकारी देखने तक नहीं आया। दशहरा और दिवाली त्यौहार नजदीक हैं, मुख्यमंत्री सिर्फ आंकड़े उछाल रहे हैं, लेकिन ठोस निर्णय कुछ नहीं ले रहे। ओला सूखा है यह साफ दिख रहा है फिर भी सरकार उसकी अनदेखी कर रही है। पैसा कहां से लाना यह सरकार का प्रश्न है लेकिन दशहरे से पहले किसानों के खातों में प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये का मुआवजा जमा करें, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठण तालुका के मुरमा, कोळीभोडखा, जालना जिले के अंबड तालुका के मसई में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का दौरा कर किसानों से संवाद साधा और उन्हें ढांढस बंधाया।

इस समय उनके साथ सांसद डॉ. कल्याण काले, छत्रपति संभाजीनगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किरण पाटील डोणगावकर, जालना जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र राख सहित कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस दौरान उन्होंने किसानों की व्यथा और समस्याएं समझीं और इस कठिन समय में कांग्रेस किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है, यह भरोसा दिया।प्रेस से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जो बोलते हैं वैसा करते नहीं, उनका आश्वासन ‘झूठे के घर खाने का निमंत्रण, जब तक खाओगे नहीं तब तक असली नहीं’, जैसा है। बारिश ने किसानों की खेती बहा दी, उनका संसार उजाड़ दिया, जीने के साधन नष्ट कर दिए, फिर भी निष्क्रिय फडणवीस सरकार केवल मौन साधे बैठी है।

सरकार खेतों पर आई और फोटो खींचकर लौट गई लेकिन किसानों के हाथ में कुछ नहीं आया। उल्टा मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के बयान गुस्सा दिलाने वाले हैं। किसान सरकार से सवाल पूछ रहे हैं तो सरकार कहती है कि पैसे कहां से लाएं, क्या जेब में पैसा लेकर घूमते हैं, राजनीति मत करो – ऐसी धमकियां दी जा रही हैं। किसान और नागरिक सड़कों पर आ गए हैं, प्रकृति ने उनका सब कुछ छीन लिया है, ऐसे समय जनता का आक्रोश यदि सरकार को समझ में नहीं आता तो यह असंवेदनशील सरकार है। महायुति सरकार की भाषा अहंकारी और शर्मनाक है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।

अदानी के लिए सरकार के पास पैसे हैं। विधायकों और सांसदों को तोड़ने के लिए पैसे हैं, 55 हजार करोड़ रुपये के समृद्धि हाईवे के लिए पैसा है, जरूरत न होते हुए भी 88 हजार करोड़ रुपये के शक्ति पीठ हाईवे के लिए पैसा है और किसानों को देना हो तो पैसे नहीं हैं – यह रोना क्यों रोते हो? ऐसा सवाल करते हुए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से महाराष्ट्र के लिए विशेष पैकेज लेकर आएं, ऐसी भी मांग कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की।

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