● जातिगत जनगणना के बाद मराठा आरक्षण का रास्ता खुलेगा.
● विपक्ष के नेता राहुल गांधी का काफिला रोकना तानाशाही है, यह मूलभूत अधिकारों पर आघात है.
● कर्नल सोफिया का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए
मुंबई वार्ता संवाददाता

“जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” के सिद्धांत पर चलते हुए राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना की पुरजोर मांग की थी। भाजपा ने लगातार इस मांग का विरोध किया, लेकिन अंततः मजबूर होकर भाजपा सरकार को इसे स्वीकार करना पड़ा। जातिगत जनगणना के बाद सभी सामाजिक वर्गों के आरक्षण के प्रश्न सुलझ सकते हैं। सरकार को जनगणना का समयबद्ध कार्यक्रम घोषित कर तेलंगाना और कर्नाटक मॉडल लागू करना चाहिए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।


टिळक भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि जातिगत जनगणना केवल सिरगणना नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक एजेंडा है। महाराष्ट्र में ओबीसी की संख्या 27 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत तक जा सकती है। इस जनगणना से हर समाज की वास्तविक जनसंख्या सामने आएगी और पाटीदार, गुर्जर, मराठा आरक्षण जैसे प्रश्नों के समाधान में भी मदद मिलेगी। भाजपा सरकार को जातिगत जनगणना का निर्णय लेना पड़ा, इसका पूरा श्रेय राहुल गांधी को जाता है।
उन्होंने इस मांग का लगातार पीछा किया, जिससे मोदी सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा। सरकार को यह प्रक्रिया कैसे होगी? जानकारी कैसे एकत्र करनी है? इसका प्रशिक्षण कर्मचारियों व अधिकारियों को दिया जाना चाहिए, ऐसा सपकाल ने कहा।राहुल गांधी का काफिला रोकना तानाशाही की मिसाललोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब बिहार में ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ अभियान के लिए जा रहे थे, तब पुलिस ने उनका काफिला रोक दिया। इससे सत्ता का घमंड स्पष्ट होता है। छात्रों से संवाद करना क्या कोई अपराध है? लेकिन भाजपा गठबंधन की सरकार लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखती। यह पूरी घटना तानाशाही की मिसाल है और यह नागरिकों के मूलभूत अधिकारों पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है।*
● भाजपा मंत्री विजय शाह पर देशद्रोह का मामला दर्ज हो
कर्नल सोफिया के बारे में बेहद अपमानजनक भाषा का उपयोग करने वाले भाजपा के मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को भाजपा को तुरंत मंत्री पद और पार्टी से निकाल देना चाहिए। लेकिन भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी उन्हें बचाता नजर आ रहा है। माननीय हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं, इसके बावजूद विजय शाह बेशर्मी से सुप्रीम कोर्ट की शरण लेते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें फटकार लगाई है। यह देश की गरिमा का प्रश्न है। उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए और उन्हें मंत्रीमंडल से तत्काल बर्खास्त किया जाए, ऐसी मांग हर्षवर्धन सपकाळ ने की है।
इससे पहले आज सुबह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने यूनिसेफ प्रोजेक्ट की पूर्व शिक्षा अधिकारी विजयाताई चव्हाण से भेंट की। वर्ष 2002 में जब वे बुलढाणा जिला परिषद के अध्यक्ष थे, उन्होंने जिले की शैक्षणिक प्रगति के लिए कई उपक्रम चलाए। उस समय विजयाताई द्वारा दिया गया मार्गदर्शन व अमूल्य सहयोग आज भी स्मरणीय है। आज मुंबई में उन्होंने विशेष निमंत्रण देकर आत्मीयता से नाश्ते की व्यवस्था की और 5000 रुपये की पक्षनिधि चेक द्वारा भेंट की, ऐसा सपकाल ने कहा।


