मुंबई वार्ता संवाददाता

उत्तर मुम्बई के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी को पत्र लिखकर ताडदेव परिसर की बहुचर्चित वेलिंग्टन इमारत के 17 से 34 महले के बांधकाम व उससे संबंधित अग्निशमन दल की एनओसी के संदर्भ में मुंबई उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में गत अनेक वर्षों से जारी मामले की ओर ध्यान आकृष्ट किया है।


उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि वेलिंग्टन इमारत के लोगों की भावना, उनके डर व मानसिक तनाव को ध्यान में रखते हुए मैं स्वयं अग्निशमन दल के वरिष्ठ अधिकारी तथा अपनी राजनीतिक पार्टी के नेता व पालकमंत्री श्री. मंगल प्रभात लोढा की सूचनानुसार लगातार इस मामले को हल करवाने की दिशा में प्रयासरत रहा हूं । इमारत के निवासी, आर्किटेक्ट की सहायता से इमारत को नियमित कराने के लिए तथा अग्निशमन दल का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए आवश्यक सभी प्रक्रियाओं को पूरा भी कर रहे हैं। उन्होंने पिछले समय में न्यायालय के आदेश के अनुसार महानगरपालिका में ₹16 लाख की राशि भी जमा की है, तथा अग्निशमन दल द्वारा निर्धारित सभी शर्तों की पूर्ति की लिखित जानकारी भी दे दी है।


इसके अलावा, इमारत प्रस्ताव विभाग ने भी पूरे निर्माण का निरीक्षण करके Fungible Area और FSI को नियमित करने के लिए रिपोर्ट तैयार किया है। पहले के कानून के अनुसार नियमित बांधकाम आज के प्रचलित नियमों के अनुसार अतिरिक्त राशि भरकर नियमित करने के लिए प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया है। इन सभी तकनीकी मुद्दों की पूर्ति होने के बावजूद, न्यायालय में मामले का सकारात्मक निर्णय अभी तक नहीं मिला है, जिसके कारण मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए अब आपका सक्रिय नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है। मेरे विचार में, न्यायालय को भी यह उम्मीद होगी कि निवासियों को कोई नुकसान न हो और उनके जीवन को कोई खतरा न हो। लोगों द्वारा वर्षों से फायर एनओसी और ओसी प्राप्त नहीं करने के कारण ही न्यायालय ने शायद नाराजगी व्यक्त की होगी।
जनसेवक शेट्टी ने आगे लिखा है कि मैंने स्वयं श्री मंगल प्रभात लोढा जी के निर्देशानुसार वेलिंग्टन इमारत का दौरा किया है और संपूर्ण परिस्थिति का अवलोकन किया। इस दौरे के बाद मैंने तुरंत भारतीय जनता पार्टी के मुंबई अध्यक्ष श्री आशिष शेलार जी से और जलगांव दौरे पर गए महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी से फोन पर संपर्क किया। मुख्यमंत्री महोदय ने तुरंत मुझे मिलने की सलाह दी और उसी अनुसार मैंने उनसे मुलाकात भी की। आपने भी परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस संदर्भ में योग्य विचार विनिमय किया। अब आपसे विनंती है कि आगामी आठ दिनों में इस प्रकरण में संबंधित दोनों विभागों से विस्तृत अहवाल लेकर अंतिम मंजुरी भी दें, अन्यथा इस इमारत के ही नहीं अपितु संपूर्ण मुंबई में ऐसी अनेक इमारतों के नागरिक भयग्रस्त हो सकते हैं और उनके जीवन में अनावश्यक अस्थिरता निर्माण हो सकती है।
जनसेवक गोपाल शेट्टी ने आगे उल्लेख किया है कि आज भी मुंबई शहर में सैकड़ों ऐसी इमारतें हैं जो ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट के बिना खड़ी हैं। महापालिका की वर्तमान नीति के अनुसार, जिन इमारतों के पास ओसी नहीं है, उन्हें ओसी प्राप्त करने के लिए नियम और नीति तैयार की गई है। इसके अनुसार, प्रति वर्ग मीटर कार्पेट क्षेत्रफल के लिए ₹50 ( पचास रुपये) का शुल्क निर्धारित किया गया है, और एक फ्लैट के लिए न्यूनतम ₹500 की राशि तय की गई है। इसी अनुसारवेलिंग्टन मामले का हल निकालने के लिए सकारात्मक निर्णय से अन्य मामलों को भी दिशा मिलेगी, यह मेरी दृढ़ धारणा है।
अंत में जनसेवक गोपाल शेट्टी ने लिखा है कि एक जिम्मेदार राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में, यदि प्रशासन ने समय पर इस मामले का समाधान नहीं किया, तो हमें जनता के हित में सड़कों पर उतरना होगा, जिससे महापालिका की भी अनावश्यक बदनामी हो सकती है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस पूरे मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और जल्द से जल्द निर्णय लें।


