श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के घनकचरा प्रबंधन विभाग द्वारा शुरू की गई ‘सैनिटरी और विशेष देखभाल योग्य कचरा संग्रहण सेवा’ का लाभ अब मुंबई के 9 हजार से अधिक संस्थान उठा रहे हैं। पिछले दो महीनों में ही करीब 3 हजार नए संस्थानों ने इस सेवा के लिए पंजीकरण कराया है। बीएमसी प्रशासन ने अभी तक इस सेवा से नहीं जुड़े संस्थानों से तत्काल पंजीकरण कराने की अपील की है।


बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देश पर अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी और उपायुक्त किरण दिघावकर के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। मई 2025 से मुंबईभर में घरेलू सैनिटरी, विशेष देखभाल योग्य और पालतू पशुओं के मलमूत्र से जुड़े कचरे का अलग से संग्रहण शुरू किया गया है।


इस विशेष श्रेणी के कचरे में इस्तेमाल किए गए सैनिटरी नैपकिन, डायपर्स, टैम्पॉन, कंडोम, संक्रमित कॉटन, बैंडेज, एक्सपायरी दवाइयां, इंजेक्शन, सुई, रेजर ब्लेड्स तथा ब्यूटी पार्लर से निकलने वाला वेस्ट शामिल है। बीएमसी के अनुसार यह कचरा सामान्य कचरे में मिल जाने से सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होता है और उसके निपटान में भी कठिनाई आती है।
बीएमसी द्वारा पंजीकृत संस्थानों को पीले रंग के डस्टबिन और बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंजीकरण के अगले ही दिन से अलग वाहन द्वारा नियमित रूप से इस कचरे का संग्रहण किया जाता है, जिससे सुरक्षित और समयबद्ध निपटान सुनिश्चित हो सके।
अब तक इस सेवा से 5,947 हाउसिंग सोसायटी और रिहायशी परिसर, 2,413 ब्यूटी पार्लर, 362 शैक्षणिक संस्थान, 43 महिला छात्रावास, 147 सामुदायिक शौचालय तथा 108 व्यावसायिक कार्यालय और कॉम्प्लेक्स जुड़ चुके हैं।
बीएमसी प्रशासन ने संस्थानों से पर जाकर पंजीकरण करने की अपील की है।
इसके साथ ही, स्वच्छता और टिकाऊ कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बीएमसी ‘मुंबई क्लीन लीग-2026’ अभियान भी चला रही है। इस योजना के तहत संस्थानों को हरा, नीला और पीला डस्टबिन दिया जा रहा है, जिनका उपयोग क्रमशः गीले, सूखे और सैनिटरी कचरे के पृथक्करण के लिए किया जाएगा। अभियान से जुड़ने और अधिक जानकारी के लिए पर संपर्क किया जा सकता है।


