मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। मुंबई की माझगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई संजय राउत द्वारा दायर मानहानि मामले में की गई है।


नितेश राणे, जो राज्य में बंदरगाह विकास और मत्स्य पालन मंत्री हैं, ने मई 2023 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए संजय राउत पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि राउत जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले हैं और उद्धव ठाकरे के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
इतना ही नहीं, राणे ने अपने बयान में संजय राउत की तुलना ‘सांप’ से की थी और कहा था कि वे जून 2023 तक एनसीपी में शामिल हो जाएंगे। इन आरोपों को राउत ने पूरी तरह से झूठा बताते हुए कहा था कि इससे उनकी छवि और राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
इस बयान के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और एनसीपी दोनों ने ही राणे के दावे को खारिज कर दिया था। इसके बाद संजय राउत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि का मामला दर्ज कराया।
अदालत की ओर से राणे को कई बार पेश होने के लिए समन जारी किए गए, लेकिन वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। पिछले साल जून में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हुआ था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था। इससे पहले भी इस मामले में दो जमानती और एक गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं, जिन्हें राणे ने निरस्त करवा लिया था।
फिलहाल, मामले की सुनवाई जारी है और अब यह देखना अहम होगा कि नितेश राणे अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखते हैं या नहीं।


