मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के माटुंगा इलाके में चार लोगों को भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 22.45 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। माटुंगा पुलिस ने पटना के दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र, रेलवे पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज दिए तथा उन्हें कथित तौर पर “ट्रेनिंग” भी कराई।


■ ऐसे शुरू हुआ मामला
49 वर्षीय एक कैटरर, जो माटुंगा का निवासी है, को वर्ष 2021 में बिना परीक्षा के रेलवे में ग्रुप डी नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया गया। आरोपियों ने ट्रैक मेंटेनर, हेल्पर, पॉइंट्समैन, पोर्टर और अस्पताल अटेंडेंट जैसे पदों पर नियुक्ति का वादा किया और इसके लिए 6.23 लाख रुपये की मांग की।अक्टूबर 2021 से नवंबर 2022 के बीच पीड़ित ने आरोपियों द्वारा दिए गए बैंक खातों में किश्तों में रकम ट्रांसफर की और कुछ नकद भुगतान भी किया।
■ अन्य तीन लोग भी बने शिकार
प्रस्ताव पर भरोसा करते हुए शिकायतकर्ता ने अपने तीन पूर्व सहकर्मियों को भी इसकी जानकारी दी।एक ने 6.50 लाख रुपयेदूसरे ने 3 लाख रुपयेतीसरे ने 6.72 लाख रुपयेइस तरह कुल 22.45 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए।
■ ठगी का तरीक
● बिना परीक्षा ग्रुप डी नौकरी का झांसा
● फर्जी नियुक्ति पत्र और रेलवे आईडी कार्ड जारी
● तीन महीने की नकली “ट्रेनिंग” आयोजित
● भरोसा दिलाने के लिए प्रशिक्षण के दौरान 11,000 रुपये प्रतिमाह दिए
● सीबीडी बेलापुर पोस्टिंग का फर्जी ईमेल भेजा
● कोई आधिकारिक जॉइनिंग लेटर नहीं दिया गया
जब वादा की गई पोस्टिंग नहीं मिली और आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब पीड़ितों ने 27 फरवरी 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
● ग्रुप डी नौकरी क्या है?ग्रुप डी, रेलवे की एंट्री-लेवल (लेवल 1) श्रेणी की नौकरी होती है। इन पदों पर भर्ती केवल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की परीक्षा के माध्यम से होती है। बिना परीक्षा किसी भी प्रकार की सीधी नियुक्ति का प्रावधान नहीं है।पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।


