मुंबई वार्ता संवाददाता
● महायुति गठबंधन की फिक्सिंग सरकार वोट चुरा कर सत्ता पर काबिज हुई,
● मतदाता सूची घोटाले पर कांग्रेस का राज्यव्यापी अभियान: हर्षवर्धन सपकाल
● चुनाव आयोग को मतदाता सूची जारी करने में छह महीने क्यों लगते हैं? बस कॉपी और पेस्ट की जरूरत है: गुरदीप सिंह सप्पल
● लोकसभा चुनाव के बाद 40 लाख मतदाता कैसे बढ़े: प्रवीण चक्रवर्ती
● पुणे बलात्कार मामले पर गृह राज्य मंत्री का बेतुका, असभ्य और विकृत बयान, गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
भाजपा की अगुवाई में बनी महायुति गठबंधन ने मतदाता सूचियों में हेराफेरी करके चुनाव आयोग की मदद से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जीता है। कांग्रेस पार्टी ने इस घोटाले की जांच की मांग की है, लेकिन केंद्र सरकार और चुनाव आयोग जानबूझकर इसकी अनदेखी कर रहे हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में असंवैधानिक सरकार बनी और फिर विधानसभा में वोट चुराकर सत्ता में आई भाजपा गठबंधन की यह फिक्सिंग सरकार है। महायुति सरकार पर यह जोरदार हमला महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची घोटाले को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य गुरदीप सप्पल, डाटा एनालिटिक्स विभाग और प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और सह-प्रभारी बी. एम संदीप और प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची में गड़बड़ी और मतदाताओं की बढ़ी संख्या को लेकर प्रदेश के 30 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ शुक्रवार को तिलक भवन में बैठक की।
इस बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में घोटाले के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन वह जानकारी देने में आनाकानी कर रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया और जांच की मांग की, लेकिन चोर की दाढ़ी में तिनका के तर्ज पर सरकार जांच से भाग रही है। इसलिए, राज्य कांग्रेस ने अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है।
इस अवसर पर बोलते हुए गुरदीप सप्पल ने कहा कि जब चुनाव आयोग से मतदान प्रतिशत में वृद्धि के बारे में जानकारी मांगी गई थी तो उसने तीन महीने का समय मांगा था और अब उसने फिर से अदालत से तीन महीने का समय मांगा है। चुनाव आयोग केवल यही कहता है कि प्रणाली पूर्णतः सुरक्षित है, लेकिन कोई जानकारी नहीं देता। चुनाव आयोग के पास सारी जानकारी है, उसे बस कॉपी-पेस्ट करना है, इसमें छह महीने क्यों लगते हैं? यह सुलगता सवाल सप्पल ने उठाया है।
इस अवसर पर प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पांच महीनों में 40 लाख मतदाता बढ़े हैं, जो पिछले पांच वर्षों में मतदाताओं में हुई वृद्धि से भी अधिक है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल किए गए। भाजपा गठबंधन को विधानसभा में लोकसभा से 70 लाख अधिक वोट मिले, जबकि लोकसभा और विधानसभा में माविआ के वोट एक समान हैं। चक्रवर्ती ने कहा कि यह सब संदिग्ध है।कुंभ मेले में न आने को लेकर राहुल गांधी की हो रही आलोचना पर बोलते हुए सप्पल ने कहा कि नरेंद्र मोदी 11 साल तक प्रधानमंत्री रहे हैं और उससे पहले वे 12 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं। इस दौरान मोदी और शाह किस कुंभ मेले में शामिल हुए और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत प्रयागराज में महाकुंभ मेले में क्यों नहीं शामिल हुए। इसका जवाब भी दिया जाना चाहिए।
सप्पल ने भी पलटवार करते हुए कहा कि अगर उस समय बीजेपी नेता कुंभ मेले में नहीं गए तो फिर उनके हिंदू होने पर सवाल क्यों नहीं उठाया जा रहा है?एक सवाल के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पुणे के स्वारगेट बस स्टेशन पर युवती के साथ बलात्कार की घटना बेहद गंभीर है।
इस संबंध में गृह राज्य मंत्री योगेश कदम का बयान बेहद बेतुका, असभ्य और विकृत है। क्या मंत्री यह कहकर अपराधी का समर्थन कर रहे हैं कि महिला ने प्रतिरोध नहीं किया? सपकाल ने यह भी कहा ऐसे मंत्रियों से इस्तीफा मांगने की बजाय उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए, लेकिन सरकार में कोई नैतिकता नहीं बची है।


