मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल के ट्रांजिट गालों के किराया प्रकरण में करीब 121 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा में केस दर्ज किया गया है।


पुलिस के अनुसार खेरवाडी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत गुन्हा क्रमांक 115/2026 (आर्थिक गुन्हे विभाग गु.क्र. 40/2026) दर्ज किया गया है। इस मामले में शिकायत मोहान रावसाहेब बोबडे (उपमुख्य अधिकारी, ट्रांजिट गाला, म्हाडा) ने दर्ज कराई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार 1996 से 2021 के दौरान संबंधित डेवलपर्स को म्हाडा के माध्यम से ट्रांजिट गाले किराये पर दिए गए थे। शुरुआती समय में कुछ अवधि तक किराया जमा कर भरोसा हासिल किया गया, लेकिन बाद में करार की शर्तों का उल्लंघन करते हुए किराया नहीं भरा गया।
आरोप है कि इस तरह म्हाडा को कुल 121,00,53,105 रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। यह मामला 10 मार्च 2026 को शाम 5:35 बजे दर्ज किया गया। फिलहाल इस प्रकरण में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शिकायत के अनुसार मे 9 एम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., मे नाखवा एंड जसोल डेवलपर्स एलएलपी, प्रदीप गोरा गांधी, जे. के. बिल्डर्स, अलहम्द डेवलपर्स, वर्धमान डेवलपर्स, उदिती प्रिमायसेस प्रा. लि., संघवी प्रिमायसेस प्रा. लि., आर. आर. बिल्डर्स और हरे कृष्णा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इस पूरे मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है।


