सफाले-विरार रोरो सेवा से नवजात शिशु की जान बचाई गई।

Date:

मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

सफल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार रात को प्रसव के बाद एक महिला के नवजात शिशु की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसलिए डॉक्टर ने बच्चे को तुरंत विरार ले जाने को कहा। यद्यपि सेवा अवधि समाप्त हो चुकी थी, फिर भी बच्चे को रोरो बोट का उपयोग करके एम्बुलेंस द्वारा विरार ले जाया गया। वहां समय पर उपचार मिलने से नवजात शिशु की जान बचा ली गई।

ग्रामीणों ने कहा कि विरार नारिंगी (चिखल डोंगरी) और सफाले (खरवदेशी) के बीच शुरू की गई रो-रो सेवा जीवनरक्षक बन गई है।

मंगलवार रात स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने देखा कि अस्मिता जाधव के नवजात शिशु को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। ऐसी स्थिति में आगे के इलाज के लिए मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग के माध्यम से तुरंत विरार अस्पताल पहुंचना संभव नहीं था। जब रात 10:30 बजे जेटी पर संपर्क किया गया तो उन्हें बताया गया कि आखिरी रो-रो फेरी रवाना हो चुकी है। तब जलसार के उपसरपंच विकोश म्हात्रे ने जेटी प्रबंधक से अनुरोध किया कि वे तुरंत एम्बुलेंस को नाव से उस पार भेजें। उस समय तेभिखोदवे पुलिस निरीक्षक सुनील पाटिल मौजूद थे। इन सबकी मदद से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

EVM जांच से बच रहा है चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी: नसीम खान।

मुंबई वार्ता संवाददाता कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व...

संजय निषाद और बाबा दुबे की मुलाकात से बदली बदलापुर की राजनीति।

मुंबई वार्ता/ शिव पूजन पांडेय उत्तर प्रदेश के कैबिनेट...

मानखुर्द शिवाजी नगर में वोटर मैपिंग संकट: स्टाफ की कमी से धीमी प्रक्रिया, अबू आसिम आज़मी।

श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता मानखुर्द शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र में...