जय सिंह / मुंबई वार्ता

कनाडा की पुलिस व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने हप्ता उगाही और टारगेट किलिंग में सक्रिय कुख्यात लारेंस बिश्नोई गिरोह पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान 72 सदस्यों, सप्लायर, फाइनेंसर और शूटरों की पहचान की गई है। इनमें वे आरोपी भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हमला किया था।


सूत्रों के अनुसार, कनाडा में सक्रिय गिरोह के कई सदस्य गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के डायरेक्ट नेटवर्क में काम कर रहे थे। दोनों इस समय भारत की कई हाई-प्रोफाइल उगाही, शूट-आउट और टारगेट किलिंग मामलों में मोस्ट वांटेड हैं।


कौन है जांच के निशाने पर?
नाम भूमिका वर्तमान स्थिति
● गोल्डी बराड़ विदेश से गैंग का ऑपरेशन, उगाही, धमकी और हमलों की साजिश कनाडा में सक्रिय, इंटरपोल रेड नोटिस जारी.
●रोहित गोदारा राजस्थान व पश्चिम भारत में शूटर मॉड्यूल संचालित दुबई / अफ्रीका नेटवर्क से संचालित होने की आशंका.
● लारेंस बिश्नोई गिरोह का मुख्य सरगना गुजरात के साबरकांठा जेल में बंद, सुरक्षा कड़ी.


कपिल शर्मा कैफे हमला मामले की कड़ी
मुंबई पुलिस के अनुसार,
कैफे पर हमला ऑनलाइन उगाही को लेकर हुआ था।
हमले में शामिल शूटर और फाइनेंसरों की पहचान कनाडा-विचार नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है।
कनाडा पुलिस की इस नई कार्रवाई ने कई कनेक्शन की पुष्टि की है।
अमेरिका में भी कार्रवाई – दो मोस्ट वांटेड गिरफ़्तार
अलग से, अमेरिकी एजेंसियों ने भारत के दो मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों को हिरासत में लिया है, जो बिश्नोई-बराड़ मॉड्यूल से जुड़े बताए जा रहे हैं।
● इन दोनों के नाम का आधिकारिक खुलासा प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा, लेकिन भारत ने इन्हें जल्द भारत लाने की मांग की है।
क्यों बढ़ रही है कार्रवाई?
कनाडा में भारतीय मूल के बिजनेसमैन, गायक, और रेस्टोरेंट मालिकों से उगाही में तेज़ी
सोशल मीडिया और VOIP कॉल के जरिए धमकी
कई हमले भारत में बैठे अपराधियों की निर्देश पर
सरकार ने संकेत दिए – अब होगा कड़ी कार्रवाई
भारतीय गृह मंत्रालय ने कहा:
“विदेशों में बैठे अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग तेज किया गया है।”


