मुंबई वार्ता संवाददाता

मूसलाधार बारिश के कारण कर्नाटक फुटबॉल ग्राउंड, चर्चगेट में अत्यधिक जलभराव होने से आज का रामलीला का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।यह स्थिति कहीं न कहीं महाराष्ट्र सरकार की नीतियों का परिणाम है। इस प्रकार का आरोप श्री महाराष्ट्र रामलीला मंडल, मुंबई के उपाध्याय संदीप शुक्ला ने लगाया है।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी की राजनीतिक रैली के चलते हमारी रामलीला को आज़ाद मैदान से कर्नाटक मैदान में स्थानांतरित कर दिया गया। नतीजतन, 50 वर्षों से लगातार चल रही इस रामलीला की परंपरा आज संकट में है।विडंबना यह है कि जो सरकार भगवान राम के नाम पर राजनीति करती है, वही सरकार रामविरोधी कार्य कर रही है। 5 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ़ से न कोई मंत्री, न विधायक, न ही सांसद रामभक्तों और अयोध्या से आई रामलीला मंडली का हालचाल लेने पहुँचे।


उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या से आई मंडली, जो पूरे उत्साह के साथ मुंबई आई थी, मंचन न कर पाने से गहरी निराशा में है।मुंबई जैसे महानगर में यह दुर्व्यवस्था न केवल भक्तों के लिए अपमानजनक है बल्कि संस्कृति और परंपरा के साथ भी अन्याय है। सरकार को चाहिए कि तुरंत इस विषय पर संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाए और ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।


