रा. स्व. संघ को अब गांधी विचार और संविधान अपनाना चाहिए और नथुराम व मनुस्मृति को तिलांजलि देनी चाहिए: हर्षवर्धन सपकाल।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती, दशहरा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी—यह एक साथ आया हुआ ऐतिहासिक संयोग है। रा. स्व. संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के इस अवसर को संघ ने समझना चाहिए। गांधी प्रतिमा के सामने सिर्फ अभिवादन करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि नथुराम का धिक्कार करते हुए विभाजनवादी विचारों, मनुस्मृति और बंच ऑफ थॉट्स को तिलांजलि देकर गांधी विचार और भारत का संविधान स्वीकार करना चाहिए, ऐसा आवाहन महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया है।

नागपुर में पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा कि, देश की स्वतंत्रता के लिए महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरा देश एकजुट हुआ था। राजनीतिक व्यवस्था परिवर्तन के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन भी कांग्रेस की भूमिका रही, जबकि मुट्ठीभर लोगों के हाथ में सत्ता होनी चाहिए—यह संघ की भूमिका रही। छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक नकारने वाला, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को काला राम मंदिर में प्रवेश न देने वाला, स्त्री-पुरुष समानता न मानने वाला, स्पृश्य-अस्पृश्यता मानने वाला यही संघ का विचार है। जबकि परिवर्तन और इंसानियत का विचार कांग्रेस के पास है।

रा. स्व. संघ को अंग्रेजों की व्यवस्था मान्य थी, इसलिए वे स्वतंत्रता संग्राम में शामिल नहीं हुए। सभी को मताधिकार देना भी उन्हें मंजूर नहीं था। संघ को 100 वर्ष पूर्ण होने के इस अवसर पर यह स्वीकार करना चाहिए कि देश सबका है और विषैली व जहरीली सोच छोड़ देनी चाहिए। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चित्र लगाकर उनके मार्ग पर चलना चाहिए, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

राज्य की परिस्थिति को महायुति सरकार गंभीरता से नहीं ले रहीराज्य में अतिवृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। किसानों का सबकुछ बह गया है, उनका संसार उजड़ गया है। आज अन्नदाता किसानों को मदद और सहारे की जरूरत है। कांग्रेस पार्टी किसानों के खेतों तक जाकर उनकी व्यथा और पीड़ा जान रही है और ठोस मदद की मांग कर रही है, लेकिन सरकार इस संकट को गंभीरता से नहीं देख रही। मई से ही बारिश कहर बरपा रही है, लेकिन अब तक राज्य सरकार ने केंद्र को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी। महायुति सरकार के मंत्रियों ने एक दिन निरीक्षण का नाटक किया और मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मिले, लेकिन खाली हाथ लौटे। इस मुलाकात में उन्हें किसानों से ज्यादा सुरजागढ़ की खानों में दिलचस्पी थी और उन्होंने प्रधानमंत्री से भी उसी विषय पर चर्चा की। राज्य की महायुति सरकार को किसानों को तुरंत ठोस मदद देनी चाहिए, अन्यथा किसी भी मंत्री को राज्य में घूमने नहीं देंगे, ऐसा चेतावनी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी।

सोमवार से संविधान सत्याग्रह पदयात्रामहान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर नागपुर में कांग्रेस पार्टी ने मशाल मोर्चा निकाला और संविधान चौक पर सभा आयोजित की। कल सोमवार, 29 सितम्बर को दीक्षाभूमि से सेवाग्राम आश्रम तक संविधान सत्याग्रह पदयात्रा का शुभारंभ होगा।

महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी की प्रमुख उपस्थिति में यह पदयात्रा निकलेगी, जिसमें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक, सांसद, पदाधिकारी और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।

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